पूर्णिया के 1400 किसानों को वर्मी पीट पर 50% अनुदान
बिहार सरकार ने रबी 2026-27 के लिए तोरिया, सरसों और मटर के बीज मुफ्त देने की योजना शुरू की
बिहार सरकार ने पूर्णिया के 1400 किसानों को वर्मी पीट बनाने पर 50% अनुदान देने का निर्णय लिया है और रबी 2026-27 के लिए तोरिया, सरसों और मटर के बीज की मिनी किट निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। पंजीकरण ऑनलाइन किया जा रहा है और अधिक आवेदन होने पर लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
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बिहार सरकार ने पूर्णिया के 1400 किसानों को वर्मी पीट बनाने पर 50 प्रतिशत अनुदान देने का फैसला किया है। रबी 2026-27 के लिए तोरिया, सरसों और मटर के बीज की मिनी किट निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। पंजीकरण ऑनलाइन agriculture.up.gov.in पर किया जा रहा है।
कृषि विभाग के देवेश आनंद सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर दलहन-तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। जिले में तोरिया के 24 कुंतल बीज से 1200 मिनी किट तैयार की गई हैं, जिनमें 2-2 किलो बीज होगा। इसके अलावा सरसों और मटर की मिनी किट भी किसानों को दी जाएगी।
पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और खतौनी का विवरण देना होगा। पंजीयन के बाद मोबाइल पर ओटीपी आएगा, सत्यापन के बाद बुकिंग पूर्ण मानी जाएगी। अधिक आवेदन होने पर लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी से किया जाएगा।
चयनित किसानों को बरहज स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार से पीओएस मशीन के माध्यम से बीज प्राप्त होगा। किसानों से अपील की गई है कि वे योजना का लाभ लेने के लिए शीघ्र पंजीयन कराएं।
कृषि विशेषज्ञ पदाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि रासायनिक खादों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। इसलिए जैविक खेती को बढ़ावा देना जरूरी है। बिहार सरकार की यह योजना किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी।
वर्मी पीट योजना के तहत किसानों को तीन वर्मी पीट बनाने होंगे, जिनका आकार 10x3x2.5 फीट होगा। योजना का लाभ लेने के लिए किसान बिहार सरकार के डीबीटी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या जिला कृषि कार्यालय, पूर्णिया में संपर्क कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- वर्मी पीट बनाने के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
- किसान तीन वर्मी पीट बनायेंगे जिनका आकार 10x3x2.5 फीट होगा।
- पंजीकरण के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
- पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और खतौनी का विवरण देना होगा।
- बीज वितरण किस प्रकार होगा?
- चयनित किसानों को राजकीय कृषि बीज भंडार, बरहज से पीओएस मशीन के माध्यम से बीज मिलेगा।
- अधिक आवेदन होने पर लाभार्थी चयन कैसे होगा?
- अधिक आवेदन पर लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी विधि से किया जाएगा।
- यह योजना किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
- जैविक खेती को बढ़ावा देकर यह योजना मिट्टी की उर्वरा शक्ति सुधारेगी और किसानों की आय बढ़ाएगी।
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