किसान अड़े, छह गांवों को जींद सब डिवीजन में रखने की मांग
किसानों ने अधीक्षक अभियंता से बातचीत की, मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा
किसानों ने छह गांवों को किनाना सब डिवीजन में शामिल करने के फैसले का विरोध करते हुए इन्हें जींद सब डिवीजन में रखने की मांग की है। उन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू किया है और मुख्यालय को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उनकी बात अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
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किसानों ने छह गांवों को किनाना सब डिवीजन में शामिल करने के फैसले का विरोध करते हुए धरना शुरू कर दिया है। वे इन गांवों को जींद सब डिवीजन में ही रखने की मांग पर अड़े हैं और मुख्यालय को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहे हैं। अधीक्षक अभियंता से बातचीत के बाद किसानों को भरोसा दिया गया है कि उनकी मांग अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखी जाएगी।
किसान यूनियन के कार्यकर्ता अधीक्षक अभियंता को मौके पर बुलाकर किसानों से बातचीत करवा चुके हैं। उन्होंने बताया कि करीब पांच साल पहले इन गांवों को किनाना सब डिवीजन में शामिल करने का फैसला हुआ था, जिससे ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इन गांवों का जींद से सीधा जुड़ाव है और वे लंबे समय से बिजली संबंधी कामकाज जींद सब डिवीजन से करवाते आ रहे हैं।
किसानों ने बताया कि अपनी मांग को लेकर वे कुछ महीने पहले तत्कालीन उपायुक्त मोहम्मद इमरान रजा को ज्ञापन देने लघु सचिवालय पहुंचे थे, लेकिन डीसी ने नीचे आकर ज्ञापन लेने से मना कर दिया था। जब अधिकारी ग्रामीणों की बात सुनने के लिए तैयार नहीं होते, तो मजबूरन उन्हें धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ता है।
अब किसानों की नजर मुख्यालय के फैसले पर है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजकर इन छह गांवों को जींद सब डिवीजन में ही रखने का अनुरोध किया जाएगा।
बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता विकास मलिक ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांग को अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। उन्होंने कहा, "इस संबंध में अधीक्षक अभियंता से उनकी बातचीत हो चुकी है।" किसान तब तक आंदोलन जारी रखेंगे जब तक उन्हें यह भरोसा नहीं मिल जाता कि गांवों को जींद सब डिवीजन में ही रखा जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किसान किन छह गांवों की बात कर रहे हैं?
- लेख में छह गांवों के नाम स्पष्ट नहीं दिए गए हैं, केवल उनकी सब डिवीजन से संबंधित स्थिति बताई गई है।
- बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता ने किसानों को क्या भरोसा दिया?
- विकास मलिक ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखी जाएगी।
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