मायावती ने भतीजों पर कड़ा रुख अपनाया
बसपा अध्यक्ष ने कहा- आनंद कुमार की बेटी को मिलेगी मदद, परिवार के अन्य सदस्यों को नहीं
बसपा अध्यक्ष मायावती ने परिवारवाद को खत्म करते हुए पार्टी में भतीजों को कोई राजनीतिक लाभ न देने का निर्णय लिया है और आगे केवल अपनी बेटी दीपिका आनंद को मौका देने की बात कही है। उन्होंने पार्टी को तीन सेक्टरों में बांटकर युवाओं को अधिक महत्व देने की नीति अपनाई है और अपनी सेहत को लेकर फैल रही अफवाहों को खारिज किया है।
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डिजिटल डेस्क। बसपा अध्यक्ष मायावती ने भतीजों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि अगर आगे चलकर आनंद कुमार को मदद की जरूरत पड़ी तो केवल उनकी बेटी दीपिका आनन्द को ही मौका मिलेगा। उन्होंने पार्टी से निकाले गए विरोधियों द्वारा अपनी सेहत को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को भी खारिज किया।
मायावती ने बताया कि बीएसपी संगठन को तीन सेक्टरों में बांट दिया गया है और पूरे देश में युवाओं को तरजीह देने की नीति के तहत पार्टी संगठन में लगभग पचास प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी उम्मीदवारों के चयन में सर्वसमाज के कर्मठ व युवा प्रतिभाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे अम्बेडकरवादी राजनीति का विकास तेज़ हो सके।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएसपी की सरकारों ने जनहित, जनकल्याण और विकास के मामलों में बेहतरीन काम किया है, लेकिन विरोधी पार्टियों के जातिवादी रवैये के कारण 2012 के बाद से प्रदेश में कानून का राज कायम नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के हित में परिवारवाद को पूरी तरह खत्म किया जाएगा और किसी भी परिवार के अन्य सदस्यों को राजनीतिक लाभ नहीं दिया जाएगा।
मायावती ने स्पष्ट किया कि अपने अविवाहित होने के कारण उन्होंने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार को अपने साथ रखा है, जो पार्टी की जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं। लेकिन अब उनके परिवार के अन्य सदस्यों को पार्टी में कोई लाभ नहीं मिलेगा। यदि आगे मदद की जरूरत पड़ी तो केवल उनकी इकलौती बेटी दीपिका आनन्द को ही मौका दिया जाएगा, जो वकालत की पढ़ाई कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि अपनी बेटी के तैयार न होने पर पार्टी की सहमति से दलित वर्ग के अन्य मिशनरी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जा सकती है, लेकिन किसी भी बेटे या उनके बच्चों को यह मौका नहीं मिलेगा।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि पार्टी से निकाले गए कुछ विरोधी उनकी सेहत को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने शनिवार रात पार्टी ऑफिस इंचार्ज आलोक कुमार के पास आकाश आनंद के फोन का जिक्र करते हुए बताया कि आकाश ने पूछा था कि क्या बहन जी की तबीयत खराब है। मायावती ने कहा कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनके बीमार होने की अफवाहें निराधार हैं।
उन्होंने बताया कि आकाश आनंद अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के कहने पर चल रहे हैं और उनकी मंशा अच्छी भी हो सकती है और गलत भी। मायावती ने कहा कि पार्टी के हित में परिवारवाद को खत्म करना जरूरी है ताकि बीएसपी का मिशन मजबूत हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मायावती ने परिवारवाद पर क्या stance लिया है?
- उन्होंने पार्टी के हित में परिवारवाद पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है।
- दीपिका आनंद की पढ़ाई क्या है?
- दीपिका आनंद वकालत की पढ़ाई कर रही हैं।
- बीएसपी में युवाओं की क्या भूमिका है?
- युवाओं को तरजीह दी जा रही है और लगभग 50% भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
- मायावती की सेहत के बारे में क्या कहा गया है?
- वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनके बीमार होने की अफवाहें निराधार हैं।
- आकाश आनंद पार्टी से कैसे जुड़े हैं?
- आकाश आनंद पार्टी कार्यालय इंचार्ज आलोक कुमार से संपर्क करते हैं और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के कहने पर काम कर रहे हैं।
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