टेक्नोलॉजी 2 MIN READ

बिहार में मोबाइल ऐप से खाद बुकिंग शुरू, फार्मर आईडी जरूरी

किसान अब घर बैठे ऐप से खाद बुक कर सकेंगे, आधार-ओटीपी से पहचान होगी

बिहार में अब किसान मोबाइल ऐप के जरिए खाद की बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए किसान की फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन्हें पहले इसे बनवाना होगा।
AI सार

बिहार में किसानों के लिए मोबाइल ऐप के जरिए खाद की बुकिंग की सुविधा शुरू की गई है, जिसके लिए फार्मर आईडी अनिवार्य है। किसान ऐप पर आधार और ओटीपी से पहचान सत्यापित कर बुकिंग कर सकेंगे और क्यूआर कोड से खाद प्राप्त कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था से खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और वास्तविक किसानों तक उर्वरक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

बिहार में मोबाइल ऐप से खाद बुकिंग
बिहार में मोबाइल ऐप से खाद बुकिंग / सोशल मीडिया

निहारिका टाइम्स को Google पर अपना पसंदीदा सोर्स बनाए

Follow us on Google

बिहार में अब किसान मोबाइल ऐप के जरिए खाद की बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए किसान की फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उन्हें पहले इसे बनवाना होगा।

पूर्णिया में 1 सितंबर से मोबाइल ऐप पर खाद की बुकिंग शुरू हो गई है, जिससे हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। किसान अब उर्वरक दुकानों पर दौड़ लगाकर खाद लेने की बजाय ऐप के माध्यम से घर बैठे ही बुकिंग कर सकते हैं।

मोबाइल ऐप पर आधार संख्या और ओटीपी से किसान की पहचान का सत्यापन होगा। किसान अपने खेत और फसल का विवरण दर्ज कर खाद की बुकिंग कर रहे हैं। बुकिंग के बाद मोबाइल पर मिलने वाले क्यूआर कोड को अधिकृत विक्रेता के पास स्कैन कराने पर खाद तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।

अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से खाद के वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक किसानों तक उर्वरक पहुंचाने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था की जानकारी पंचायत और प्रखंड स्तर के कृषि कर्मियों को देने की जिम्मेदारी दी गई है।

किसान सलाहकार ऐप में कृषि फसल की जानकारी दर्ज करेंगे, जिससे उर्वरक की उचित मात्रा ऐप पर दिखेगी। कृषि विभाग का कहना है कि डिजिटल बुकिंग से खाद की उपलब्धता और वितरण पर निगरानी पहले से अधिक प्रभावी होगी।

जिन किसानों की जमीन उनके नाम पर दर्ज है, वे आसानी से इस व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। जिन किसानों के पूर्वजों के नाम जमीन दर्ज है या जिनका नाम जमाबंदी में नहीं है, उनके लिए भी फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

संयुक्त स्वामित्व वाली जमीन, बटाईदार, सामुदायिक, मंदिर, सरकारी या संस्थागत जमीन पर खेती करने वाले किसान भी इस प्रक्रिया के तहत खाद ले सकेंगे। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार अनुशंसित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना और बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खाद बुकिंग के लिए किसान को क्या विवरण देना होगा?
किसान को अपने खेत और फसल का विवरण ऐप पर दर्ज करना होगा।
खाद डिलीवरी कैसे होगी मोबाइल ऐप बुकिंग के बाद?
बुकिंग के बाद मोबाइल पर मिला क्यूआर कोड अधिकृत विक्रेता के पास स्कैन कराने पर खाद तुरंत मिलेगी।
क्या ऐसे किसान जो जमाबंदी में नाम नहीं है, खाद बुक कर सकते हैं?
हाँ, उन्होंने फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया पूरी कर के इस व्यवस्था का लाभ ले सकते हैं।
डिजिटल खाद बुकिंग से कृषि विभाग को क्या फायदा होगा?
यह खाद की उपलब्धता और वितरण पर निगरानी को पहले से अधिक प्रभावी बनाएगा।

AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें

Member Access

50 free articles left today

0 of 50 free reads used today.

Go Unlimited
📲 हमसे जुड़ें ताज़ा खबरें सीधे आपके फोन पर — तुरंत, मुफ़्त
Telegram Channel

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान छह गांवों की बाईसाओं ने रचा संस्कार और संस्कृति का भव्य संगम
02 दुनिया फराह खान के तीनों बच्चे अमेरिका के कॉलेजों में दाखिला लेकर रवाना
03 नौकरी / करियर 27 वर्षीय शारदेंदु ने 46 लाख की नौकरी छोड़ सेना में की भर्ती
04 दुनिया भारत ने समान-क्षेत्रफल नक्शा प्रोजेक्शन के व्यापक उपयोग का समर्थन किया
Trust & Transparency

How this story was handled

Published8 सितंबर 2026, 23:48 IST IST
Last updated8 सितंबर 2026, 23:48 IST IST
Latest newsroom actionnews-desk (section_editor)
Story lifecyclePublish
Methodology

How to read this report

Coverage is filed under टेक्नोलॉजी and aligned with that desk's editorial standards.
Key topic markers used in this story: टेक-ऑटो.
Update Log

Recent newsroom changes

The Editorial Desk published this story as published

Continuing Coverage

More on this story

Latest context and follow-up reading from टेक्नोलॉजी.

टेक्नोलॉजी

Realme ने लॉन्च किया Harry Potter थीम वाला 16 Pro 5G

टेक्नोलॉजी

सैमसंग Galaxy M17 5G 16,891 रुपये में, Ai+ Nova 2 Power जल्द

कृषि

बिहार में किसानों को कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत अनुदान

राजस्थान

करौली के मंडरायल में तीन दिन से बारिश और तेज हवा से परेशान किसान

मौसम

तेज हवा और बारिश से गन्ने की फसल खेतों में गिर गई

Realme ने लॉन्च किया Harry Potter थीम वाला 16 Pro 5G
टेक्नोलॉजी
इससे जुड़ी ख़बरें

Realme ने लॉन्च किया Harry Potter थीम वाला 16 Pro 5G

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 8 सितंबर 2026
सैमसंग Galaxy M17 5G 16,891 रुपये में, Ai+ Nova 2 Power जल्द
टेक्नोलॉजी
इससे जुड़ी ख़बरें

सैमसंग Galaxy M17 5G 16,891 रुपये में, Ai+ Nova 2 Power जल्द

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 8 सितंबर 2026
बिहार में किसानों को कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत अनुदान
कृषि
इससे जुड़ी ख़बरें

बिहार में किसानों को कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत अनुदान

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 7 सितंबर 2026
करौली के मंडरायल में तीन दिन से बारिश और तेज हवा से परेशान किसान
राजस्थान
इससे जुड़ी ख़बरें

करौली के मंडरायल में तीन दिन से बारिश और तेज हवा से परेशान किसान

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 6 सितंबर 2026
तेज हवा और बारिश से गन्ने की फसल खेतों में गिर गई
मौसम
इससे जुड़ी ख़बरें

तेज हवा और बारिश से गन्ने की फसल खेतों में गिर गई

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 8 सितंबर 2026
हरदोई में किसानों ने रिकॉर्ड संख्या में कराया फसल बीमा
कृषि
इससे जुड़ी ख़बरें

हरदोई में किसानों ने रिकॉर्ड संख्या में कराया फसल बीमा

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 5 सितंबर 2026
बिहार में बाढ़ से 17,776 लोग विस्थापित, पीएम मोदी चुप
मौसम
इससे जुड़ी ख़बरें

बिहार में बाढ़ से 17,776 लोग विस्थापित, पीएम मोदी चुप

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 6 सितंबर 2026
बिहार में बाढ़ से 28 लाख प्रभावित, 120 स्कूल बंद
शिक्षा
इससे जुड़ी ख़बरें

बिहार में बाढ़ से 28 लाख प्रभावित, 120 स्कूल बंद

निहारिका टाइम्स न्यूज़ डेस्क 5 सितंबर 2026

पाठकों की पसंद

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं

01 राजस्थान छह गांवों की बाईसाओं ने रचा संस्कार और संस्कृति का भव्य संगम
02 दुनिया फराह खान के तीनों बच्चे अमेरिका के कॉलेजों में दाखिला लेकर रवाना
03 नौकरी / करियर 27 वर्षीय शारदेंदु ने 46 लाख की नौकरी छोड़ सेना में की भर्ती
04 दुनिया भारत ने समान-क्षेत्रफल नक्शा प्रोजेक्शन के व्यापक उपयोग का समर्थन किया

Comments

0 threads
Join the discussion
Staff comments are highlighted. Verified readers receive a trust badge.
Sign in to comment

No approved comments yet. Start the discussion.