बिहार में CBI जांच के लिए अब राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी
सरकारी कर्मचारियों और विभागों से जुड़े मामलों में सीबीआई को पहले अनुमति लेनी होगी
बिहार सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और विभागों से जुड़े मामलों में सीबीआई को जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम राज्य सरकार के स्वामित्व वाले संस्थानों और वित्तीय सहायता प्राप्त इकाइयों पर लागू होगा, जबकि केंद्र से जुड़े मामलों में सीबीआई को अनुमति नहीं लेनी होगी।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
राज्य ब्यूरो। बिहार सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की राज्य में जांच के अधिकार और दायरे को लेकर नया आदेश जारी किया है। अब राज्य सरकार के कर्मचारियों और विभागों से जुड़े मामलों में सीबीआई को जांच शुरू करने से पहले बिहार सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
गृह विभाग की तीन सितंबर की अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार के स्वामित्व वाले विभाग, निगम, कंपनी या बैंक के कर्मचारियों के मामलों में सीबीआई को जांच शुरू करने से पहले बिहार सरकार से अनुमति लेनी होगी। यह नियम उन संस्थानों पर भी लागू होगा जिन्हें राज्य सरकार से वित्तीय सहायता मिली है।
सीबीआई को ऐसे मामलों में अपनी ओर से राज्य सरकार को जांच का प्रस्ताव भेजना होगा, जिसके बाद सरकार हर मामले को अलग-अलग आधार पर देखेगी और जांच की अनुमति देने या न देने का फैसला करेगी।
हालांकि, भारत सरकार से जुड़े उपक्रमों और कर्मचारियों के मामलों में सीबीआई को राज्य सरकार से अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण वाले निजी व्यक्तियों से जुड़े अपराधों की जांच भी सीबीआई कर सकेगी।
इस नए आदेश के बाद बिहार के प्रशासनिक दायरे में आने वाले कर्मचारियों और संस्थाओं के खिलाफ जांच की प्रक्रिया बदल गई है। अब सीबीआई को किसी भी मामले की जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार के पास औपचारिक प्रस्ताव भेजना होगा, जिसे सरकार समीक्षा के बाद मंजूरी देगी या अस्वीकार कर सकती है।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से जांच प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनी रहेगी और राज्य के कर्मचारियों को सीधी जांच से सुरक्षा मिलेगी। यह फैसला राज्य के प्रशासनिक तंत्र पर सीधा असर डालेगा।
अधिसूचना में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आने वाले अपराध भी शामिल हैं।
बिहार सरकार समय-समय पर सीबीआई के अधिकारों को लेकर आदेश जारी करती रहती है। इस नए आदेश से राज्य में सीबीआई की जांच के लिए केंद्र से जुड़े मामलों में रास्ता स्पष्ट होगा, जिससे जांच और कार्रवाई में तेजी आएगी।
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद









Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.