मनोज जरांगे ने मुंबई मार्च से पहले जान से मारने की साजिश का आरोप लगाया
15 सितंबर को मुंबई के लिए रवाना होंगे, 19 सितंबर से आजाद मैदान में भूख हड़ताल
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने 15 सितंबर को मुंबई मार्च और 19 सितंबर से आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने मार्च से पहले जान से मारने और परेशानी पैदा करने की साजिश का आरोप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर लगाया है। मनोज ने समुदाय के लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
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डिजिटल डेस्क। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने 15 सितंबर को मुंबई के लिए रवाना होने और 19 सितंबर से आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने मार्च से पहले जान से मारने और परेशानी पैदा करने की साजिश का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी उन्होंने साजिश रचने का आरोप लगाया।
मार्च और भूख हड़ताल की योजना
मनोज जरांगे ने शनिवार को कहा कि वह 15 सितंबर को अंतरवाली सराटी से मुंबई के लिए रवाना होंगे। 19 सितंबर से राज्य की राजधानी के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन दिया गया है और सरकार आंदोलन के लिए कुछ शर्तें लगा सकती है। यह मार्च 14 से 25 सितंबर तक होने वाले गणपति उत्सव के दौरान निकाला जाएगा।
जरांगे ने कहा कि प्रस्तावित आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा। उन्होंने मराठा समुदाय के लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की। उन्होंने बताया कि मार्च के दौरान उन्हें गोली मारने की साजिश रची जा रही है और वे झुकेंगे नहीं। उन्होंने समर्थकों से कहा कि अगर वे डरे हुए हैं तो मार्च में शामिल न हों।
उन्होंने कहा, "मैं 19 सितंबर को मुंबई पहुंचूंगा और सुबह 10 बजे आजाद मैदान में भूख हड़ताल पर बैठूंगा।"
राजनीतिक आरोप और साजिश का दावा
उन्होंने कहा, "सत्तारूढ़ दलों से जुड़े लोगों को मार्च में भेजकर अव्यवस्था पैदा की जा सकती है और उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।"
उन्होंने दावा किया कि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के कुछ मराठा विधायक उनके समर्थकों को फोन कर मार्च में शामिल नहीं होने के लिए कह रहे हैं।
जरांगे ने बताया कि उन्होंने पहले एकनाथ शिंदे पर भरोसा किया था और जनवरी 2024 में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सरकार द्वारा शासनादेश जारी किए जाने के बाद नवी मुंबई के वाशी से वापस लौट गए थे।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मुंबई मार्च से पहले सरकार के पास इस मुद्दे का समाधान करने के लिए अभी आठ दिन का समय है।
सत्ता में बैठे लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
मनोज जरांगे पाटिल, सामाजिक कार्यकर्ता
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भूख हड़ताल और मार्च के लिए प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया है?
- मनोज जरांगे ने बताया कि उन्होंने प्रदर्शन के लिए अनुमति के लिए आवेदन दिया है और सरकार आंदोलन के लिए कुछ शर्तें लगा सकती है।
- मराठा समुदाय के अलावा इस आंदोलन में और कौन शामिल हो सकता है?
- जरांगे ने मराठा समुदाय के लोगों से विशेष रूप से इस शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने का अपील किया है।
- अगर मार्च के दौरान खतरा होता है तो समर्थकों को क्या करना चाहिए?
- जरांगे ने कहा है कि अगर कोई डरा हुआ है तो उसे मार्च में भाग नहीं लेना चाहिए।
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