फडणवीस के मोदी कैबिनेट में शामिल होने की अटकलें जारी
पंकजा मुंडे ने कहा, निर्णय पीएम मोदी और आरएसएस की मंजूरी से होगा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के केंद्र सरकार में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है। भाजपा नेता पंकजा मुंडे ने कहा कि ऐसा कोई फैसला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी के बिना नहीं हो सकता।
पंकजा मुंडे ने कोल्हापुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में बताया कि फडणवीस एक प्रभावशाली और अकादमिक रूप से मजबूत नेता हैं। उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ प्रार्थना कर सकती हूं कि वह वर्तमान पद से आगे बढ़ें। हालांकि, अभी उन्हें वहीं जरूरत है, जहां वह हैं।"
यह बयान शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के दावे के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी फडणवीस को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते हैं। राउत ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश की राजनीति में बड़े बदलाव का समर्थन कर रहा है और फडणवीस को उप-प्रधानमंत्री के पद के लिए दिल्ली बुलाने की योजना है।
संजय राउत ने कहा, "इतिहास गवाह है कि कोई भी पूर्व गृह मंत्री कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाया है।" उन्होंने यह भी कहा कि 'भगवा परिवार' दिल्ली के बाहर के किसी प्रमुख नेता को मोदी का राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाने की तैयारी कर रहा है और फडणवीस सबसे आगे हैं।
पंकजा मुंडे ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के जारी अनशन पर भी बात की। उन्होंने बताया कि सरकार ने जरांगे से बातचीत के लिए राधाकृष्ण विखे पाटील की अध्यक्षता में मंत्रियों की एक समिति गठित की है।
जरांगे की मांग है कि जिन मराठाओं के कुनबी रिकॉर्ड मिले हैं, उन्हें जाति प्रमाणपत्र जारी किए जाएं और कोल्हापुर, सतारा तथा मुंबई गजेटियर में मौजूद प्रावधानों को लागू कर मराठाओं को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए।
पंकजा मुंडे ने अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की, जिसमें पंचगंगा नदी में प्रदूषण से निपटने के उपायों पर चर्चा हुई।
महाराष्ट्र सरकार संवैधानिक दायरे में रहते हुए इन मांगों को पूरा करने के लिए प्रयास कर रही है।
सूत्रों के अनुसार सत्ताधारी पार्टी के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने कैबिनेट में संभावित फेरबदल को लेकर नेतृत्व को अल्टीमेटम दिया है।
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