अमृता फडणवीस ने जरांगे को कहा भाई, घर खाने का न्योता दिया
मराठा आरक्षण की मांग पर जरांगे 13 दिन से भूख हड़ताल पर, अमृता ने गरबा में मुस्लिमों की एंट्री का समर्थन दोहराया
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री अमृता फडणवीस ने मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल को अपना भाई बताते हुए उन्हें घर पर खाने का न्योता दिया है, जो मराठा समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण देने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं। अमृता ने नवरात्रि और गरबा जैसे त्योहारों में मुस्लिमों की भागीदारी का समर्थन किया है, जबकि राजनीतिक दलों और संगठनों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद जारी हैं।
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल को अपना भाई बताते हुए घर पर खाने का न्योता दिया है। जरांगे पिछले 13 दिन से जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव में मराठा समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण देने की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे हैं। अमृता ने गरबा में मुस्लिमों की एंट्री के समर्थन में अपनी बात फिर दोहराई।
जरांगे का आंदोलन और न्योता
मनोज जरांगे पाटिल पिछले 13 दिन से जालना के अंतरवाली सराटी गांव में भूख हड़ताल पर हैं। वे मराठा समुदाय को ओबीसी के तहत आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वे हैदराबाद और सातारा गजट के रिकॉर्ड लागू करने और पात्र मराठा लोगों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र देने की भी मांग कर रहे हैं।
मनोज जरांगे ने जवाब दिया, "बड़ी बहन ने कहा है ना, तो खाने पर जाऊंगा, लेकिन अभी आंदोलन जरूरी है।" उन्होंने यह भी कहा कि वे भाई दूज के मौके पर भोजन के लिए जरूर आएंगे।
जरांगे ने मीडिया से कहा कि अभी उनके पास जाने का समय नहीं है, लेकिन वे निश्चित रूप से मुंबई जाएंगे और 12 सितंबर को तारीख की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा, "शिकार के समय इधर-उधर नहीं देखना चाहिए।"
अमृता का गरबा और मुस्लिमों की एंट्री पर बयान
अमृता फडणवीस ने नागपुर में एक कार्यक्रम के बाद कहा कि नवरात्रि और गरबा जैसे त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले होते हैं। उन्होंने कहा, "अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति नवरात्रि समारोह में शामिल होता है तो इसमें कुछ गलत नहीं है।"
उन्होंने यह भी कहा कि पहचान पत्र जांचना अच्छी प्रैक्टिस है, लेकिन धर्म के आधार पर लोगों की जांच सही नहीं है। अमृता ने कहा, "मुझे इस मुद्दे पर पॉलिटिकल वाइफ बनाकर ट्रोल किया जा रहा है। मैं एक सोशल एक्टिविस्ट और नागरिक के तौर पर अपनी राय रखती हूं।"
अमृता पहले भी मुस्लिम कंटेंट क्रिएटर के साथ रील बनाने पर ट्रोल हो चुकी हैं। जनवरी 2023 में उन्होंने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रियाज अली के साथ पंजाबी गाने पर डांस करते हुए वीडियो बनाया था, जिसके बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
अमृता ने कहा कि इस तरह की ट्रोलिंग उन्हें बेहतर काम करने की प्रेरणा देती है।
सरकार का रुख और राजनीतिक प्रतिक्रिया
उन्होंने स्पष्ट किया कि एक समुदाय के हिस्से का आरक्षण लेकर दूसरे समुदाय को नहीं दिया जाएगा। सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।
विश्व हिंदू परिषद ने महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिमों को प्रवेश नहीं देने की मांग की है। राज्य मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे ने वीएचपी के रुख का समर्थन करते हुए गरबा मैदानों में प्रवेश से पहले पहचान जांचने और हनुमान चालीसा का पाठ कराने की बात कही है।
शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने अमृता फडणवीस के बयान का समर्थन किया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उन नेताओं को समझाने को कहा जो इस तरह के बयान देते हैं। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने वीएचपी की गाइडलाइन को सही नहीं बताया और कहा कि मुंबई के त्योहारों में लोग धर्म या जाति से पहले मुंबईकर हैं।
मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल की मांग है कि मराठा समुदाय को ओबीसी कैटेगरी के तहत आरक्षण दिया जाए। सरकार ने बातचीत के दरवाजे कभी बंद नहीं किए हैं और पूरी प्रक्रिया इसी भावना से आगे बढ़ रही है।
जरांगे पाटिल जी मेरे भाई हैं और मैं उन्हें अपने घर पर खाना खाने के लिए बुलाती हूं।
अमृता फडणवीस, मुख्यमंत्री की पत्नी
सरकार संविधान के दायरे में जो भी संभव होगा, वह करेगी।
देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मनोज जरांगे ने घर खाने के न्योते को कब स्वीकार करने का कहा है?
- जरांगे ने कहा है कि वे भाई दूज के मौके पर भोजन के लिए जरूर आएंगे।
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