मनोज जरांगे मुंबई में आजाद मैदान पर आमरण अनशन करेंगे
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन तेज, महिलाओं से अमृता-लता के घर जाने की अपील
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे मुंबई के आजाद मैदान में आमरण अनशन करने जा रहे हैं। उनके समर्थकों की 12 सितंबर को बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने त्योहारों के समय शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील की है।
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मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और अब मुंबई के आजाद मैदान में आमरण अनशन शुरू करने जा रहे हैं। उनके समर्थकों की 12 सितंबर को बैठक प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील की है।
आंदोलन की तैयारी और रणनीति
मनोज जरांगे ने कहा कि वे मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति मांग चुके हैं और सरकार से अनुमति मिलने की उम्मीद है। उनका आंदोलन मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जारी रहेगा। जरांगे ने मराठा महिलाओं से अपील की है कि वे अमृता फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पत्नी लता शिंदे के घर जाकर हल्दी-कुंकुम का कार्यक्रम करें और आरक्षण की मांग रखें।
जरांगे के आंदोलन को मराठवाड़ा के विभिन्न जिलों से समर्थन मिल रहा है। लातूर तालुका के चिंचोलिराव वाडी क्षेत्र में लातूर-बरशी सड़क पर करीब दो घंटे तक जाम लगाया गया और प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। निलंगा तालुका के नितुर में लातूर-जहीराबाद हाईवे पर टायर जलाकर रास्ता रोका गया।
मनोज जरांगे ने मुंबई पहुंचने के लिए पांच दिन का मार्ग तय किया है, जिसमें वे पाटोदा, श्रीगोंदा, हडपसर, खोपोली या कोपरखैरने और रायगढ़ में रुकेंगे। यहां वे आरक्षण के समर्थन में आए लोगों से मुलाकात करेंगे और आगे की रणनीति साझा करेंगे।
प्रशासन और नेताओं के बयान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने मनोज जरांगे से अपील की है कि वे त्योहारों और भीड़ का ध्यान रखते हुए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मुंबई के आजाद मैदान पर जा रहे हैं और महिलाओं से कहा कि वे अमृता फडणवीस और लता शिंदे के घर जाएं।
जरांगे ने कहा कि महिलाओं को वहां जाकर मराठा समाज को आरक्षण देने की मांग करनी चाहिए। उनका कहना है कि इस बार वे कुनबी आरक्षण का प्रमाणपत्र लिए बिना मुंबई से वापस नहीं लौटेंगे।
आंदोलन का असर और आगे की योजना
गणेशोत्सव के बीच मनोज जरांगे के मुंबई पहुंचने से आंदोलन और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों और प्रशासन की नजर उनकी सेहत पर भी बनी हुई है।
जरांगे के समर्थकों की 12 सितंबर को बैठक प्रस्तावित है, जिसमें मुंबई आने को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इस दौरान आंदोलन को और मजबूत बनाने की योजना बनाई जाएगी।
जरांगे ने सरकार से आमरण अनशन की अनुमति मांगी है, लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है। वे उम्मीद करते हैं कि सरकार उन्हें मंजूरी देगी।
मेरा मानना है कि मेरे भाई त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्वक अपना काम करेंगे
अमृता फडणवीस, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी
जिस थाली में खाया, उसी में थूक रहे
मनोज जरांगे, मराठा आरक्षण आंदोलनकर्ता
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मनोज जरांगे मुंबई पहुंचने के लिए किस रास्ते से आ रहे हैं?
- मनोज जरांगे मुंबई पहुंचने के लिए पांच दिन का मार्ग तय कर रहे हैं, जिसमें वे पाटोदा, श्रीगोंदा, हडपसर, खोपोली या कोपरखैरने और रायगढ़ में रुकेंगे।
- जरांगे के आंदोलन का असर क्या रहा है?
- लातूर-बरशी सड़क पर दो घंटे तक जाम लगा और नितुर में टायर जलाकर रास्ता रोका गया, जिससे सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई।
- सरकार ने मनोज जरांगे के आमरण अनशन पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
- जरांगे ने सरकार से आमरण अनशन की अनुमति मांगी है लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिली है, वे उम्मीद करते हैं कि सरकार मंजूरी देगी।
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