झारखंड हाईकोर्ट ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से मांगा जवाब
सभी कंपनियों को बताना होगा इंटरनेट कनेक्शन कटने और बहाली की तारीख़ और क्षेत्र
झारखंड हाईकोर्ट ने सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से इंटरनेट कनेक्शन कटने और बहाली की जानकारी मांगी है और बाधित सेवाओं को तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया है। सुनवाई में जेबीवीएनएल, बीएसएनएल, जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के अधिकारी उपस्थित थे, जबकि बीएसएनएल को अनुचित व्यवहार के लिए माफीनामा देने का आदेश दिया गया है। बीएसएनएल और जियो ने बताया कि हाईकोर्ट की बाधित इंटरनेट लाइन बहाल कर दी गई है।
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झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से इंटरनेट कनेक्शन कटने और बहाली की जानकारी मांगी है। अदालत ने बाधित सेवाओं को तुरंत बहाल करने का निर्देश भी दिया है। सुनवाई में कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए।
मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से यह जानकारी मांगी कि किस तारीख को, किन इलाकों में और कितने इंटरनेट कनेक्शन काटे गए। साथ ही अब तक कितने कनेक्शन दोबारा शुरू किए गए हैं, इसकी भी रिपोर्ट देने को कहा गया है। अदालत ने बाधित सेवाओं को तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि उसके आदेश की ‘मिसअंडरस्टैंडिंग’ के कारण आम जनता को बेवजह परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट ने रांची शहर में तार सही से न लगे होने की जिम्मेदारी झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) पर डाली थी।
गुरुवार को हुई सुनवाई में जेबीवीएनएल के सीएमडी श्रीनिवासन के साथ बीएसएनएल, जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के वरिष्ठ अधिकारी अदालत में मौजूद थे। खंडपीठ ने सभी ऑपरेटर कंपनियों से इंटरनेट सेवा बंद होने और उसकी बहाली की स्टेटस रिपोर्ट मांगी।
सुनवाई के दौरान बीएसएनएल के चीफ जनरल मैनेजर विपुल अग्रवाल के रवैये पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने एक अधिकारी से फोन पर अनुचित व्यवहार के मामले में बीएसएनएल को 14 सितंबर तक लिखित और बिना शर्त माफीनामा देने का आदेश दिया है।
बीएसएनएल और जियो ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट की बाधित इंटरनेट लाइन बहाल कर दी गई है। कंपनियों ने सार्वजनिक उपयोग वाली सेवाओं और आम नागरिकों के निजी इंटरनेट कनेक्शन जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अदालत ने किस वजह से बीएसएनएल को माफी पत्र देने का आदेश दिया?
- सुनवाई के दौरान बीएसएनएल के चीफ जनरल मैनेजर के अनुचित व्यवहार के मामले में अदालत ने नाराजगी जताई थी।
- झारखंड हाईकोर्ट ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से क्या जानकारी मांगी?
- अदालत ने इंटरनेट कटौती की तारीख, प्रभावित इलाके, कटे हुए कनेक्शन की संख्या और बहाली की स्थिति की रिपोर्ट मागी है।
- इंटरनेट सेवा बाधा के लिए किस संस्था को जिम्मेदार ठहराया गया था?
- पूर्व सुनवाई में रांची शहर में तार ठीक न लगाने की जिम्मेदारी झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) को दी गई थी।
- बीएसएनएल और जियो ने अदालत को क्या बताया?
- उन्होंने जानकारी दी कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद बाधित इंटरनेट लाइन बहाल की गई है और जल्द ही सार्वजनिक व निजी सेवाएं शुरू की जाएंगी।
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