सोशल मीडिया के एडिक्टिव डिजाइन पर दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका
उदयपुर की अधिवक्ता शुभिका जोशी भी याचिका दायर करने वाली टीम में शामिल
दिल्ली हाईकोर्ट में सोशल मीडिया के एडिक्टिव डिजाइन जैसे इनफिनिट स्क्रॉल, ऑटोप्ले और नोटिफिकेशन पर रोक लगाने की जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में इन फीचर्स के उपयोगकर्ताओं, खासकर बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव को लेकर नियमन और मुआवजे की मांग की गई है। यह मामला 9 सितंबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन अब अगली सुनवाई दूसरी पीठ के समक्ष होगी।
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उदयपुर। दिल्ली हाईकोर्ट में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के एडिक्टिव डिजाइन और आर्किटेक्चर को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की गई है। यह मामला 9 सितंबर 2026 को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। याचिका में इनफिनिट स्क्रॉल, ऑटोप्ले और नोटिफिकेशन जैसे फीचर्स पर रोक लगाने की मांग की गई है।
याचिका में उठाए गए मुद्दे
जनहित याचिका में सोशल मीडिया के ऐसे डिजाइन फीचर्स पर रोक लगाने, नियंत्रित करने या विनियमित करने की मांग की गई है जो उपयोगकर्ताओं को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने के लिए बनाए गए हैं। इनमें खास तौर पर इनफिनिट स्क्रॉल, ऑटोप्ले, एल्गोरिदम आधारित क्यूरेटेड फीड, लगातार आने वाले नोटिफिकेशन और ‘लाइक्स’ जैसे वैरिएबल रिवार्ड फीचर्स शामिल हैं। याचिका के अनुसार ये फीचर्स उपयोगकर्ताओं का ध्यान खींचने और उसे लंबे समय तक बनाए रखने के उद्देश्य से डिजाइन किए गए हैं।
याचिका में बच्चों और किशोरों को लेकर विशेष चिंता जताई गई है। इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया के अत्यधिक और समस्याग्रस्त इस्तेमाल का असर किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य, कल्याण और विकास पर पड़ सकता है। इसी आधार पर ऐसे डिजाइन फीचर्स के इस्तेमाल को लेकर नियमन की जरूरत बताई गई है।
याचिका में यह भी मांग की गई है कि जब तक इस संबंध में कानून नहीं बनता, तब तक उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही सोशल मीडिया के इन डिजाइन फीचर्स से उपयोगकर्ताओं को हुए नुकसान के लिए जवाबदेही तय करने और उचित मुआवजे की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है।
मुकदमे की स्थिति
यह मामला 9 सितंबर 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। हालांकि, पीठ के एक न्यायाधीश के मामले से अलग होने के बाद अब इसे अगले सप्ताह दूसरी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।
इस याचिका को दायर करने वाली अधिवक्ता टीम में उदयपुर की बेटी शुभिका जोशी भी शामिल हैं।
कानून के प्रोफेसर डॉ. विकास कथूरिया द्वारा दायर जनहित याचिका में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ‘एडिक्टिव डिजाइन’ और आर्किटेक्चर को सीधे निशाना बनाया गया है
शुमिका
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जनहित याचिका की अगली सुनवाई कब होगी?
- पीठ के एक न्यायाधीश के अलग होने के कारण मामला अगले सप्ताह दूसरी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।
- इस याचिका को किसने दायर किया है?
- यह जनहित याचिका कानून के प्रोफेसर डॉ. विकास कथूरिया द्वारा दायर की गई है, और अधिवक्ता टीम में उदयपुर की बेटी शुभिका जोशी भी शामिल हैं।
- याचिका में किस प्रकार के दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है?
- याचिका में यह कहा गया है कि जब तक इस संबंध में कानून नहीं बनता, तब तक सामाजिक मीडिया के एडिक्टिव डिजाइन फीचर्स पर उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
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