दिल्ली मतदाता सूची में राघव चड्ढा का नाम जोड़ने पर सवाल
चुनाव आयोग ने प्रक्रिया समझाई, तीन अफगान नागरिकों के फर्जी नामों पर जांच जारी
चुनाव आयोग ने बताया है कि दिल्ली मतदाता सूची में राघव चड्ढा का नाम नियमों के तहत जोड़ा गया है और पंजाब से उनका नाम हटा दिया गया है। झारखंड में तीन अफगान नागरिकों के फर्जी दस्तावेजों से मतदाता सूची में नाम दर्ज करने का मामला मिला है, जिस पर जांच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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हालांकि। चुनाव आयोग ने दिल्ली की मतदाता सूची में भाजपा राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा का नाम जोड़ने की प्रक्रिया को स्पष्ट किया है। इस बीच झारखंड में तीन अफगान नागरिकों के फर्जी दस्तावेजों से मतदाता सूची में नाम दर्ज होने का मामला सामने आया है।
आप की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि 31 अगस्त को जारी मसौदा मतदाता सूची में 746 मतदाता थे, लेकिन बाद में राजेंद्र नगर की मतदाता सूची में चड्ढा का नाम 747वें मतदाता के रूप में जुड़ गया।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधित करने की प्रक्रिया लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और निर्वाचक पंजीकरण नियम 1960 के तहत होती है। इसके लिए फॉर्म 6, 7 और 8 का उपयोग किया जाता है और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी नियमों के अनुसार आवेदनों को स्वीकृत या अस्वीकृत करते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, चड्ढा का नाम पंजाब की मतदाता सूची से हटा दिया गया है, जहां से उनकी पूर्व पार्टी आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। तीनों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
राघव चड्ढा ने आरोपों पर कहा, "पहले आरोप तय कर लिया गया और उसके बाद उसे सही साबित करने के लिए तर्क तलाशे जा रहे हैं। मैंने निर्वाचन आयोग के सभी लागू दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं का पालन किया है और निर्धारित उपायों का सहारा लिया है।" उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने के बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान जमशेदपुर में तीन अफगान नागरिकों के नाम फर्जी तरीके से मतदाता सूची में दर्ज पाए गए। जांच में यह सामने आया कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज जमा कर भारतीय मतदाता पहचान पत्र बनवाया था।
जमशेदपुर के उपायुक्त राजीव रंजन ने रांची स्थित पासपोर्ट कार्यालय से दस्तावेजों की पुष्टि कराई, जिसने अफगान नागरिक होने की पुष्टि की। इसके बाद तीनों के खिलाफ जालसाजी और नियमों के उल्लंघन के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
चुनाव आयोग के कार्यालय ने बताया कि SIR से पहले और दावे-आपत्तियों की अवधि के दौरान मिले सभी फॉर्म-6 आवेदनों की जांच की जा रही है।
मंगलवार तक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 700 फॉर्म-6 मंजूर किए गए, जिनमें चड्ढा का नाम भी शामिल है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय का अधिकारी
उनका नाम सूची में अद्यतन प्रक्रिया के माध्यम से जोड़ा गया है।
चुनाव अधिकारी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- झारखंड में फर्जी मतदाता नामों की पुष्टि कैसे हुई?
- पासपोर्ट कार्यालय ने तीनों अफगान नागरिकों के विदेशी होने की पुष्टि की।
- चुनाव आयोग किस कानून के तहत मतदाता सूची अपडेट करता है?
- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और निर्वाचक पंजीकरण नियम 1960 के तहत।
- फर्जी मतदाता नाम दर्ज होने पर क्या कार्रवाई हुई?
- तीनों के खिलाफ जालसाजी और नियम उल्लंघन के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई।
- राघव चड्ढा ने आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- उन्होंने कहा कि आरोप तय कर बाद में सही साबित करने के तर्क खोजे जा रहे हैं।
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