तीन राज्यों में 7 ठिकानों पर ED ने TMC सांसद नदीमुल हक के परिसरों पर छापा मारा
दिल्ली, कोलकाता और रांची में सांसद से जुड़े घर और दफ्तर की तलाशी, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और फंडिंग जांच के तहत कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय ने तीन राज्यों में तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक के सात परिसरों पर छापा मारा है। दिल्ली, कोलकाता और रांची में चल रही जांच में उनके उर्दू अखबार अखबार-ए-मशरिक से जुड़े वित्तीय लेन-देन और फंडिंग के आरोपों की जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं और जांच जारी है।
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तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद मोहम्मद नदीमुल हक के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने तीन राज्यों में सात परिसरों पर छापा मारा है। दिल्ली, कोलकाता और रांची में सुबह करीब छह बजे शुरू हुई तलाशी कार्रवाई में सांसद से जुड़े घर और दफ्तर की जांच की गई।
एजेंसी की जांच में अखबार-ए-मशरिक से जुड़े मामलों, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और फंडिंग से जुड़े आरोप शामिल हैं। नदीमुल हक इस उर्दू दैनिक अखबार के डायरेक्टर बताए जाते हैं, जिसका प्रकाशन कोलकाता से होता है और इसके कई शहरों में संस्करण प्रकाशित होते हैं।
तलाशी के दौरान दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड को देखा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह मामला बिधाननगर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत से जुड़ा है।
कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में अखबार-ए-मशरिक के दफ्तर में भी ED की टीम पहुंची और इलाके में केंद्रीय बलों की मौजूदगी रही। कार्रवाई के दौरान अखबार का मुख्य कार्यालय बंद रहा, जिससे जांच में अखबार की भूमिका पर चर्चा तेज हुई।
नदीमुल हक पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में से हैं। उनके परिसरों पर ED की कार्रवाई ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
अधिकारियों ने बताया कि जांच में अखबार के जरिए प्रकाशित कंटेंट से जुड़े आरोपों में सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा गैर कानूनी तरीके से रुपयों के लेन-देन और नकदी हासिल करने के भी आरोप हैं।
फिलहाल एजेंसी की तलाशी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
नदीमुल हक का जन्म 20 सितंबर 1969 को हुआ था। वे पेशे से पत्रकार और कारोबारी भी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- नदीमुल हक कौन हैं और उनकी भूमिका क्या है?
- नदीमुल हक तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पत्रकार हैं, जो अखबार-ए-मशरिक के डायरेक्टर भी हैं।
- ED की जांच किन आरोपों की वजह से हो रही है?
- जांच में सांप्रदायिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले कंटेंट और गैरकानूनी फंडिंग के आरोप शामिल हैं।
- अखबार-ए-मशरिक का प्रदर्शन क्या है?
- अखबार का प्रकाशन कोलकाता से होता है और इसके कई शहरों में संस्करण प्रकाशित होते हैं।
- तलाशी के दौरान किन परिसरों की जांच हुई?
- तलाशी में सांसद से संबंधित घर और कार्यालय शामिल थे, जिनमें दिल्ली, कोलकाता और रांची के परिसरों की जांच हुई।
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