भाजपा ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया
शुभेंदु अधिकारी के पूर्व PA की मां नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव के लिए हसीरानी रथ को उम्मीदवार घोषित किया है, जो मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं। नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को परिणाम घोषित किए जाएंगे। टीएमसी के दोनों गुट भी उपचुनाव में अलग-अलग उम्मीदवार उतार चुके हैं।
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पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। नंदीग्राम से हसीरानी रथ को टिकट दिया गया है, जो मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के दिवंगत पीए चंद्रनाथ रथ की मां हैं।
भाजपा ने रेजीनगर से शाश्वर सरकार और नंदीग्राम से हसीरानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई 2026 को विधानसभा चुनाव के नतीजों के तीसरे दिन नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हुई थी। उस समय उनकी उम्र 42 साल थी।
हसीरानी रथ पूर्वी मेदिनीपुर के चंडीपुर इलाके के कुलुप गांव की निवासी हैं और पंचायत स्तर की जनप्रतिनिधि रह चुकी हैं। वे 2013 से 2018 तक चंडीपुर पंचायत समिति में शिशु एवं नारी विकास कर्माध्यक्ष थीं। शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक उत्थान के समय से रथ परिवार उनके साथ रहा है।
इस साल अप्रैल-मई में हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत हुई थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 और कांग्रेस 2 सीटों तक सिमट गई। ममता बनर्जी 15 साल बाद सत्ता से बाहर हो गईं।
नंदीग्राम लंबे समय से टीएमसी और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष का केंद्र रहा है। 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और टीएमसी को 2011 में सत्ता तक पहुंचाने में मदद की थी। 2021 में ममता बनर्जी ने यहीं से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गईं।
2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों जगह जीत हासिल की। भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया। बाद में अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दे दिया।
टीएमसी के दोनों गुट उपचुनाव में आमने-सामने हैं। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमान शेख को उम्मीदवार बनाया है। वहीं ममता बनर्जी वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को मैदान में उतारा है। दोनों गुट ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न पर अपना दावा कर रहे हैं।
चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं और 16 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। अगर आयोग ने चुनाव से पहले फैसला नहीं किया तो पार्टी का मौजूदा चुनाव चिह्न अस्थायी रूप से फ्रीज हो सकता है और दोनों गुटों को अलग नाम-चिह्न के साथ चुनाव लड़ना पड़ सकता है।
6 अक्टूबर को दोनों सीटों पर मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 19 सितंबर तक उम्मीदवार अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हसीरानी रथ का राजनीतिक अनुभव क्या है?
- हसीरानी रथ चंडीपुर पंचायत समिति में 2013 से 2018 तक शिशु एवं नारी विकास कर्माधिकारी रह चुकी हैं।
- नंदीग्राम उपचुनाव क्यों हो रहा है?
- 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से जीतकर वहां से इस्तीफा दे दिया था, इसलिए उपचुनाव हो रहा है।
- टीएमसी के बागी और ममता गुट ने किन उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है?
- ऋतब्रत बनर्जी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमान शेख; ममता गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को नामांकित किया है।
- चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों गुटों से क्या माँगा है?
- चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं और 16 सितंबर तक जवाब देने को कहा है।
- यदि चुनाव आयोग ने चुनाव चिन्ह पर निर्णय नहीं दिया तो क्या होगा?
- पार्टी का मौजूदा चुनाव चिह्न फ्रीज हो सकता है और दोनों गुटों को अलग नाम-चिह्न के साथ चुनाव लड़ना पड़ सकता है।
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