सपा 111 सीटों पर खुद लड़ेगी, कांग्रेस से सीट शेयरिंग पर कशमकश
सपा ने कांग्रेस को सीटों और प्रत्याशियों के नाम तय करने का संदेश दिया है
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 111 सीटों पर खुद चुनाव लड़ेगी और कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बनी है। कांग्रेस 2024 लोकसभा चुनाव के आधार पर अधिक सीटें चाहती है, जबकि सपा ने अब तक 75-80 सीटें देने की तैयारी की है। दोनों पार्टियां गठबंधन को मजबूत करने के लिए रणनीति बना रही हैं।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी 111 सीटों पर खुद चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस अपनी बढ़ती ताकत का हवाला देते हुए 100 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है। दोनों पार्टियां सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत में हैं, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बनी है।
कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के आधार पर सीटें मांग रही है। उसकी योजना है कि राज्य के हर जिले से कम से कम एक सीट पर चुनाव लड़े ताकि उसकी मौजूदगी दिखे। कांग्रेस अब यूपी में छोटे भाई के रोल से अधिक अहमियत चाहती है, जो सपा के लिए स्वीकार करना मुश्किल है।
सपा ने कांग्रेस को संदेश दिया है कि सीटों की संख्या और संभावित प्रत्याशियों के नाम तय हो जाएं ताकि जातीय समीकरणों का ध्यान रखा जा सके। पहले सपा 2022 के विधानसभा चुनाव के अनुसार कांग्रेस को उतनी ही सीटें देने की तैयारी में थी जितनी उसने अपने अन्य सहयोगियों को दी थीं, लेकिन अब यह संख्या 75 से 80 तक हो सकती है।
भाजपा की जीती हुई सीटों पर ही कांग्रेस को सीटें मिलेंगी। सपा अपनी सभी 111 सीटों पर खुद ही चुनाव लड़ेगी और पार्टी के ज्यादातर विधायकों को दोबारा लड़ने के लिए कहा गया है। पार्टी छोड़कर जाने वाले विधायकों को हराने के लिए कांग्रेस के सहयोग से खास रणनीति अपनाई जाएगी।
सपा-कांग्रेस गठबंधन के सामने चुनौती है कि 2024 में पीडीए की कामयाबी को इस बार कैसे दोहराया जाए। हालांकि मुद्दों और माहौल दोनों में बदलाव आया है। इसमें जेनरेशन जेड को अलग से साधना होगा, जो शायद पीडीए के खांचे में यकीन नहीं करता।
कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी जेनरेशन जेड के बीच पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव युवाओं और महिलाओं का समर्थन पाने के लिए अलग रणनीति पर काम शुरू कर चुके हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कांग्रेस यूपी में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है?
- कांग्रेस की योजना है कि राज्य के हर जिले से कम से कम एक सीट पर चुनाव लड़े।
- सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग पर क्या विवाद है?
- सपा को कांग्रेस की बढ़ी अहमियत स्वीकार करना मुश्किल लग रहा है, खासकर सीटों के बंटवारे को लेकर।
- सपा अपनी 111 सीटों पर क्यों खुद चुनाव लड़ेगी?
- सपा ने ज्यादातर मौजूदा विधायकों को दोबारा चुनाव लड़ने का निर्देश दिया है।
- 2024 के चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन के सामने मुख्य चुनौतियां क्या हैं?
- मुद्दों और माहौल में बदलाव के साथ जेनरेशन जेड को अलग से साधना बड़ी चुनौती है।
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