ममता बनर्जी के गढ़ नंदीग्राम में टीएमसी को उम्मीदवार चुनने में दिक्कत
फाल्टा में बाहुबली के नाम वापस लेने के बाद नंदीग्राम उपचुनाव में भी संकट के संकेत
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) उम्मीदवार चुनने में दिक्कतों का सामना कर रही है। टीएमसी के दो गुटों के बीच विवाद और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने से इनकार के कारण अभी तक कोई उम्मीदवार घोषित नहीं हुआ है।
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पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। फाल्टा सीट पर बाहुबली उम्मीदवार जहांगीर खान के नाम वापस लेने से टीएमसी को बड़ा झटका लगा था। अब नंदीग्राम में भी पार्टी को उम्मीदवार चुनने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
फाल्टा विधानसभा सीट पर मतदान पूरा हो चुका था, लेकिन बाहुबली उम्मीदवार जहांगीर खान ने वोटिंग से दो दिन पहले नाम वापस ले लिया था। इससे कांग्रेस, भाजपा और लेफ्ट के बीच मुकाबला हुआ और भाजपा ने जीत हासिल की। फाल्टा सीट टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के क्षेत्र में आती है।
नंदीग्राम सीट टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी का गढ़ रही है, जहां 2007 में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन हुआ था। 2021 और 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद यह भाजपा के लिए मजबूत सीट बन गई है। शुभेंदु अधिकारी ने यहां से टीएमसी के दोनों पूर्व करीबियों को हराया है।
टीएमसी को लेकर संकेत मिल रहे हैं कि नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवार चुनने में पार्टी को दिक्कत हो रही है। मंगलवार को हुई डीएम की सर्वदलीय बैठक में टीएमसी शामिल नहीं हुई। पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू ताहेर ने कहा कि ममता बनर्जी को खुद चुनाव लड़ना चाहिए और उन्होंने खुद चुनाव लड़ने से इनकार किया। उन्होंने कहा, "टीएमसी के सत्ता में रहने के 15 वर्षों के दौरान मुझे कभी भी पार्टी का उम्मीदवार नहीं माना गया।"
टीएमसी दो गुटों में बंटी है, जिनमें से एक की अगुवाई ऋताब्रत बनर्जी कर रहे हैं और दूसरा कालीघाट टीएमसी के नाम से जाना जाता है। हालांकि, पार्टी का नाम और चिह्न अभी भी ममता बनर्जी वाले गुट के पास है।
फाल्टा में हुए घटनाक्रम के बाद नंदीग्राम में भी टीएमसी की स्थिति चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। अभी तक पार्टी ने आधिकारिक तौर पर उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- टीएमसी ने नंदीग्राम उपचुनाव के लिए उम्मीदवार क्यों नहीं चुना?
- पार्टी के अंदर दो गुटों के कारण सहमति नहीं बन पाई है और ममता बनर्जी ने चुनाव लड़ने से इनकार किया है।
- फाल्टा सीट पर बाहुबली उम्मीदवार ने नाम वापस क्यों लिया था?
- जानकारी के अनुसार जहांगीर खान ने वोटिंग से दो दिन पहले नाम वापस लिया था, जिससे भाजपा को फायदा हुआ।
- नंदीग्राम सीट की राजनीतिक स्थिति क्या है?
- यह ममता बनर्जी का गढ़ रहा है, लेकिन हाल के चुनावों में यह भाजपा की मजबूत सीट बन गई है।
- टीएमसी के दो गुट कौन-कौन से हैं?
- एक गुट ऋताब्रत बनर्जी के नेतृत्व में है और दूसरा कालीघाट टीएमसी के नाम से जाना जाता है।
- टीएमसी ने डीएम की सर्वदलीय बैठक में क्यों हिस्सा नहीं लिया?
- पार्टी ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की, जिससे उनकी उपस्थिति से इनकार हुआ।
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