टीएमसी नेता अबु ताहिर ने चुनाव लड़ने से किया इनकार
ममता बनर्जी को खुद चुनाव लड़ने का सुझाव, उम्मीदवार तय नहीं
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के नेता अबु ताहिर ने चुनाव लड़ने से इनकार किया है और ममता बनर्जी को चुनाव में उतरने का सुझाव दिया है। अभी तक टीएमसी ने उम्मीदवार नामित नहीं किया है, जबकि मतदान 6 अक्टूबर को होना है।
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पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अबु ताहिर ने साफ कर दिया है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने ममता बनर्जी को ही मैदान में उतरने का सुझाव दिया है। 6 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे।
2021 में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को सुवेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा था। तब भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जीत हासिल की थी। 2026 में भी टीएमसी नेता पवित्र कर को 9 हजार से अधिक वोटों से हार का सामना करना पड़ा, जबकि शुभेंदु अधिकारी ने दो सीटों पर जीत दर्ज की।
अबु ताहिर ने कहा, "ममता बनर्जी को नंदीग्राम उपचुनाव में आकर चुनाव लड़ना चाहिए। जब तृणमूल सत्ता में थी, तब वह चुनाव लड़ने के लिए आई थीं।" उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 15 वर्षों में उन्हें कभी टीएमसी का उम्मीदवार नहीं माना गया।
टीएमसी के एक गुट ने ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी को उपचुनाव लड़ने की चुनौती दी है, लेकिन अभी तक पार्टी ने उम्मीदवार तय नहीं किया है। चैनल से बातचीत में नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी विधायक बनकर लोगों के मुद्दे उठा सकती हैं और नेता प्रतिपक्ष बन सकती हैं।
बागी गुट के प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा, "अबू ताहिर सही हैं। यदि ममता बनर्जी चुनाव लड़ने की इच्छुक नहीं हैं तो उनके भतीजे अभिषेक को ही चुनाव लड़ जाना चाहिए।" मंगलवार को मजिस्ट्रेट ने एक बैठक बुलाई थी, जिसमें लगभग सभी दल मौजूद थे, लेकिन टीएमसी गायब रही। इसे उम्मीदवार न मिलने से जोड़ा जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अबु ताहिर ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला क्यों किया?
- अबु ताहिर ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में उन्हें कभी टीएमसी का उम्मीदवार नहीं माना गया।
- टीएमसी के गुटों ने उपचुनाव को लेकर क्या कहा है?
- टीएमसी के एक गुट ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को चुनाव लड़ने की चुनौती दी है।
- मजिस्ट्रेट की बैठक में टीएमसी क्यों नहीं पहुंची?
- टीएमसी की गैरमौजूदगी को पार्टी के उम्मीदवार न चुनने से जोड़ा जा रहा है।
- ममता बनर्जी उपचुनाव जीतने पर क्या भूमिका निभा सकती हैं?
- ममता बनर्जी विधायक बनकर लोगों के मुद्दे उठाकर नेता प्रतिपक्ष बन सकती हैं।
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