कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वस्त इमारत के नीचे मिला कुआं
प्रशासन ने कुएं की प्रामाणिकता जांचने के लिए दस्तावेजों की तैयारी शुरू की
सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में अवैध निर्माण पर बुलडोजर से ध्वस्त इमारत के नीचे एक कुआं मिला है, जिसकी उम्र और इतिहास पता लगाने के लिए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा के लिए कुएं को कवर कर दिया गया है और पुराने दस्तावेजों के आधार पर उसकी प्रामाणिकता जांची जाएगी।
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में अवैध निर्माण पर बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एक इमारत के मलबे के नीचे जमीन के भीतर एक कुआं मिला। प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है और अब इस कुएं की उम्र और इतिहास पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई है।
सहारनपुर सदर के उप-जिलाधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि जिस इमारत को ध्वस्त किया गया, उसका निर्माण इसी कुएं के ऊपर हुआ था। मलबा हटाते समय कुएं का पता चला, जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
कुएं की उम्र और निर्माणकर्ता का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड फिलहाल उपलब्ध नहीं है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए कुएं को पूरी तरह से कवर कर दिया है।
प्रशासन अब कलेक्ट्रेट परिसर के पुराने नक्शे, राजस्व अभिलेख और ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर कुएं की प्रामाणिकता और समय-सीमा का पता लगाने की तैयारी कर रहा है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य शिकायतकर्ता और बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने कहा, "हमारा शक अब पूरी तरह सच साबित हुआ है। संभावना है कि यहां पहले कोई मंदिर था जिसे तोड़कर यह ढांचा बनाया गया। अगर निष्पक्ष जांच हो तो यहां प्राचीन मूर्तियां भी निकल सकती हैं।" उन्होंने स्थानीय प्रशासन और सरकार से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से जांच कराने की मांग की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कुएं की उम्र और निर्माणकर्ता के बारे में क्या जानकारी है?
- फिलहाल कुएं की उम्र और निर्माणकर्ता का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, जिसके लिए प्रशासन पुराने दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
- अब प्रशासन क्या कदम उठाने वाला है?
- प्रशासन पुराने नक्शे, राजस्व अभिलेख और ऐतिहासिक दस्तावेजों के आधार पर कुएं की प्रामाणिकता और समय-सीमा का पता लगाने की तैयारी कर रहा है।
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