सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट कर रोक दिया गया
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराने को लेकर पुलिस ने कड़ी सुरक्षा की
सहारनपुर में मस्जिद गिराने के विवाद के बीच सांसद इकरा हसन को उनके कैराना आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया है। प्रशासन ने सरकारी जमीन पर मस्जिद के अवैध निर्माण के आधार पर उसे गिराने के आदेश के तहत कार्रवाई की है, जबकि मस्जिद कमेटी कानूनी लड़ाई जारी रखे हुए है।
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सहारनपुर में सांसद इकरा हसन को उनके कैराना स्थित आवास पर रात में ही भारी पुलिस बल तैनात कर हाउस अरेस्ट कर दिया गया। प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है। विवाद करीब डेढ़ साल से चल रहा है।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद को लेकर विवाद पिछले डेढ़ साल से जारी था। प्रशासन और अदालत के आदेश के अनुसार, मस्जिद अवैध निर्माण है क्योंकि जमीन सरकारी है। सिटी मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत ने 16 जुलाई को परिसर खाली कराने का आदेश दिया था।
मस्जिद कमेटी का दावा है कि मस्जिद 100 साल से अधिक पुरानी है और उनके पास पुराने दस्तावेज हैं। कमेटी ने जमीन को वक्फ संपत्ति बताते हुए कानूनी लड़ाई जारी रखी है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर कहा कि मस्जिद कमेटी ने 1911 तक के रिकॉर्ड अदालत में पेश किए थे और वहां एक सदी से नमाज पढ़ी जा रही है।
प्रशासन और अदालत ने इन दावों को पर्याप्त कानूनी साक्ष्य नहीं माना। मस्जिद गिराने के लिए सहारनपुर में सुबह करीब 4 बजे कार्रवाई शुरू हुई और करीब 6 बजे चार बुलडोजर मस्जिद के हिस्से को गिराने लगे। भारी पुलिस बल और आरआरएफ की कंपनियां मौके पर तैनात रहीं। मलबा नगर निगम की गाड़ियों में भरकर हटाया गया।
प्रशासन ने यह भी कहा कि सरकारी भूमि के अवैध उपयोग के एवज में 6 करोड़ 41 लाख 65 हजार 565 रुपये की क्षतिपूर्ति तय की जानी चाहिए। मस्जिद कमेटी ने इस फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखने का फैसला किया है।
सांसद इकरा हसन ने बताया, "उन्हें सहारनपुर जाने से रोकने के लिए रात में ही उनके कैराना स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया।" उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी कानून को अपने हाथ में नहीं लेगी और कानूनी रास्ते से लड़ाई जारी रखेगी।
वक्फ से जुड़े दावों और 'वक्फ बाय यूजर' के पहलू को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है।
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