राकेश टिकैत ने गन्ने का मूल्य 500-600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की
भाकियू की रात्रि महापंचायत 17 सितंबर को मुजफ्फरनगर में होगी
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गन्ने का मूल्य 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल करने और इसे चीनी मिलों के सत्र शुरू होने से पहले घोषित करने की मांग की है। उन्होंने किसानों को उचित मूल्य मिलना और बिजली बिलों में बढ़ोतरी समेत अन्य समस्याओं पर भी सरकार से ध्यान देने को कहा है। 17 सितंबर को मुजफ्फरनगर में रात्रि महापंचायत आयोजित की जाएगी।
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भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गन्ने के मूल्य को 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल करने और इसे चीनी मिलों के सत्र शुरू होने से पहले घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल में खर्च अधिक आ रहा है और किसानों को उचित मूल्य मिलना चाहिए। टिकैत ने 17 सितंबर को मुजफ्फरनगर में रात्रि महापंचायत का आयोजन किया है।
टिकैत ने सर्कुलर रोड स्थित अपने आवास पर कहा कि इस बार गन्ने का मूल्य 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच होना चाहिए क्योंकि चीनी के दाम भी अच्छे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपील की कि चीनी मिलों का सत्र शुरू होने से पहले गन्ना मूल्य घोषित किया जाए ताकि किसानों को आंदोलन न करना पड़े।
उन्होंने बिजली के बिलों में बढ़ोतरी और विभाग के अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं के कनेक्शन की भार क्षमता में मनमानी वृद्धि को भी किसानों के लिए चिंता का विषय बताया। टिकैत ने कहा कि किसानों को फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना चाहिए और धान खरीद केंद्रों का विकास जरूरी है ताकि किसान हरियाणा जाकर परेशान न हों।
भाकियू की पहली रात्रि महापंचायत 17 सितंबर को राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित होगी। यह कार्यक्रम शाम सात बजे से मध्यरात्रि तक चलेगा। टिकैत ने बताया कि महापंचायत में इन सभी मुद्दों पर चर्चा होगी और रात्रि में अधिकारियों को बुलाकर मांग पत्र दिया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किसानों की बिजली बिलों और कनेक्शन भार क्षमता को लेकर क्या समस्या है?
- टिकैत ने विभाग के अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं के कनेक्शन की भार क्षमता में मनमानी वृद्धि को किसानों के लिए चिंता का विषय बताया है।
- गन्ने के मूल्य घोषित न होने से क्या समस्या हो सकती है?
- गन्ना मूल्य समय पर घोषित न होने से किसानों को आंदोलन करना पड़ सकता है, इसलिए टिकैत ने इसे पहले घोषित करने की मांग की है।
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