हाईकोर्ट ने सरकार को भर्ती मामले में दो दिन में जवाब देने को कहा
18 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन पर रोक जारी
झारखंड उच्च न्यायालय ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले में राज्य सरकार को दो दिन में जवाब देने का आदेश दिया है और भर्ती विज्ञापन रद्द करने पर लगी रोक बरकरार रखी है। जांच में कुल 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें JPSC के पूर्व अध्यक्ष और एक कोचिंग सेंटर संचालक भी शामिल हैं।
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झारखंड उच्च न्यायालय ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले में राज्य सरकार को विस्तृत जवाब देने के लिए केवल दो दिन का समय दिया है। कोर्ट ने 18 सितंबर को अगली सुनवाई तय की है और भर्ती विज्ञापन रद्द करने पर लगी रोक फिलहाल बरकरार रखी है।
मंगलवार को हुई सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने राज्य सरकार का पक्ष रखा। सरकार ने विस्तृत जवाब के लिए चार सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे अस्वीकार कर केवल दो दिन का समय दिया। कोर्ट ने आज ही सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पहले से जारी अंतरिम आदेश जारी रहेगा, जिससे भर्ती परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने से जुड़े अंतिम फैसले पर रोक बनी रहेगी। अगली सुनवाई 18 सितंबर को सुबह 10:30 बजे से होगी।
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), संयुक्त सिविल सेवा, JSSC CGL-2023, CDPO और खाद्य सुरक्षा अधिकारी जैसी परीक्षाओं के रद्द होने से प्रभावित हजारों अभ्यर्थी कोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने JSSC-CGL 2023 मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारी 13 हो गई है। इनमें JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते भी शामिल हैं।
रांची के एक कोचिंग सेंटर संचालक को भी JPSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। बिहार के जमुई जिले के 41 वर्षीय दिलीप कुमार पासवान को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिस पर परीक्षा में कई उम्मीदवारों को अनुचित फायदा पहुंचाने का आरोप है।
इस मामले में अब तक 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- भर्ती विज्ञापन रद्द करने की रोक कब तक रहेगी?
- कोर्ट ने कहा है कि पहले से जारी अंतरिम आदेश लागू रहेगा जब तक अगली सुनवाई नहीं होती।
- सरकार ने जवाब देने के लिए कितने समय का अनुरोध किया था?
- सरकार ने चार सप्ताह मांगे थे, लेकिन कोर्ट ने केवल दो दिन दिए।
- JPSC के पूर्व अध्यक्ष कौन गिरफ्तार हुए हैं?
- एल खियांग्ते, जो JPSC के पूर्व अध्यक्ष हैं, गिरफ्तारी में शामिल हैं।
- कोचिंग सेंटर संचालक की गिरफ्तारी क्यों हुई?
- रांची के एक कोचिंग सेंटर संचालक को भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
- भर्ती परीक्षा रद्द होने से कौन प्रभावित हुए हैं?
- JPSC, संयुक्त सिविल सेवा, JSSC CGL-2023, CDPO और खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षाओं के हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हैं।
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