हरतिलिका तीज पर गणेश चतुर्थी का शुभ संयोग, भक्तों ने विधि-विधान से पूजा की
भगवान गणेश की अग्रपूजा के साथ शहर के मंदिरों में भव्य सजावट और भक्तों की श्रद्धा
हरतिलिका तीज और गणेश चतुर्थी का संयोग इस वर्ष एक साथ आया, जिससे भक्तों ने घर-घर गणेश जी की पूजा-अर्चना की और मंदिरों को सजाया गया। भक्तों ने व्रत के दौरान चंद्रमा के दर्शन से परहेज किया और शाम को छप्पन भोग का आयोजन किया गया।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
शहर में गणेश चतुर्थी और हरतिलिका तीज का शुभ संयोग बना। भक्तों ने घर-घर गणेश जी की स्थापना कर मंत्रों के साथ पूजा-अर्चना की। शाम को छप्पन भोग दर्शन का आयोजन हुआ और मंदिर रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाए।
भगवान गणेश को अग्रपूज्य देव माना जाता है, इसलिए भक्तों ने व्रत और पूजा में कोई कमी नहीं छोड़ी। गणेश मंदिरों के अलावा नवग्रह, श्रीरामदरबार, कामेश्वर महादेव, दाऊजी महाराज और कन्हैया जी मंदिरों में भी भव्य सजावट की गई।
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को चन्द्रमा के दर्शन वर्जित होते हैं, इसलिए भक्तों ने शाम को चन्द्रदर्शन से परहेज किया। अन्य चतुर्थी के व्रती चन्द्रदर्शन के बाद भोजन ग्रहण करते हैं। इस चतुर्थी को चट्टा चौथ भी कहा जाता है, इसलिए बच्चे चट्टा बजाकर उत्सव में शामिल हुए।
गुरुओं ने शिष्यों को सर्वकल्याण का आशीर्वाद दिया और भगवान गणेश से उनकी सुख-समृद्धि की कामना की।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गणेश चतुर्थी पर भक्तों ने किस प्रकार पूजा की?
- भक्तों ने मंत्रों के साथ विधि-विधान से गणेश जी की स्थापना कर पूजा-अर्चना की।
- मंदिरों में पूजा के दौरान क्या खास सजावट हुई?
- गणेश मंदिरों के अलावा नवग्रह, श्रीरामदरबार, कामेश्वर महादेव, दाऊजी महाराज, और कन्हैया जी मंदिरों में भी भव्य सजावट की गई।
- गुरुओं ने क्या संदेश दिया?
- गुरुओं ने शिष्यों को सर्वकल्याण का आशीर्वाद दिया और भगवान गणेश से सुख-समृद्धि की कामना की।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद










Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.