गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को, स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:30 बजे
इस बार गणपति की स्थापना 14 सितंबर को होगी, पूजा में 21 नामों का जाप जरूरी
इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी, और गणेश प्रतिमा स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:30 बजे है। इस दिन पूजा के दौरान भगवान गणेश के 21 नामों का जाप करना एवं विधि अनुसार प्रतिमा की स्थापना करनी चाहिए। आयोजन 25 सितंबर तक चलेगा और श्रद्धालु इसे 1, 5 या 10 दिनों के लिए मनाने का विकल्प चुन सकते हैं।
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इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन मिट्टी की गणेश प्रतिमा की स्थापना सुबह 11:30 बजे शुभ मुहूर्त में की जाएगी। पूजा के दौरान भगवान गणेश के 21 नामों का उच्चारण करना उत्तम माना जाता है।
गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश को समर्पित है और भाद्रपद मास में इसका विशेष महत्व है। इस दिन पूजा विधि के अनुसार मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना कर मनोवांछित फल की प्राप्ति की मान्यता है। पंडित अमर डिब्बावाला ने बताया कि चतुर्थी पर पार्थिव गणेश की स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11:30 बजे है।
महंत राजेश तिवारी ने कहा कि इस दिन चंद्र दर्शन नहीं करना चाहिए क्योंकि कुछ राशियों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि 5-6 साल में तीज के साथ चतुर्थी पड़ने का संयोग बनता है।
पूजा के दौरान भगवान गणेश के 21 नामों का जाप करना और प्रत्येक नाम के साथ एक प्रकार की वृक्ष की पत्ती चढ़ाना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, 'सुमुखाय नमः' कहकर शमी पत्र चढ़ाना चाहिए। इसके बाद मोदकों का नैवेद्य भी अर्पित किया जाता है।
गणेश की मूर्ति का पूजा कक्ष या उत्तर दिशा की शुद्ध जगह पर हल्दी से स्वास्तिक बनाकर पीले आसन पर स्थापित करना चाहिए, ताकि गणेश विग्रह की पीठ उत्तर दिशा में और मुख दक्षिण दिशा में हो। भक्त गणपति की पूजा उत्तर की ओर मुख करके करें।
इस बार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को है और समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी तिथि पर होगा। श्रद्धालु 5 दिन, 10 दिन या 1 दिन के लिए गणपति को अपने घर विराजमान कर सकते हैं।
चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:08 बजे से प्रारंभ होकर 15 सितंबर सुबह 7:45 बजे तक रहेगी। भद्रा का समय 14 सितंबर शाम 7:22 बजे से 15 सितंबर सुबह 7:45 बजे तक रहेगा। इस दौरान गणेश मूर्ति की स्थापना करनी चाहिए।
चतुर्थी के दिन देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में, शनि का मीन राशि में और सूर्य का सिंह राशि में होना शुभ माना जाता है। कुल मिलाकर इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत योग बन रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गणेश चतुर्थी पर पूजा कैसे करनी चाहिए?
- पूजा के दौरान प्रत्येक गणेश के 21 नाम के साथ संबंधित वृक्ष की पत्ती चढ़ानी चाहिए और मंदिर में पीले आसन पर हल्दी से स्वास्तिक बनाकर मूर्ति स्थापित करनी चाहिए।
- गणेश मूर्ति की स्थापना के लिए कौन सी दिशा उपयुक्त है?
- गणेश विग्रह की पीठ उत्तर दिशा में और मुख दक्षिण दिशा में होना चाहिए, जिससे भक्त उत्तर की ओर मुख करके पूजा कर सकें।
- गणेश चतुर्थी तिथि कब प्रारंभ और समाप्त होती है?
- चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:08 बजे से शुरू होकर 15 सितंबर सुबह 7:45 बजे तक रहती है।
- गणेश चतुर्थी के दिन किन ग्रहों की स्थिति शुभ मानी जाती है?
- देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में, शनि मीन राशि में और सूर्य सिंह राशि में होते हैं, जिससे सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत योग बनते हैं।
- गणपति की स्थापना कितने दिनों के लिए की जा सकती है?
- श्रद्धालु गणपति को 1 दिन, 5 दिन या 10 दिन के लिए अपने घर विराजमान कर सकते हैं।
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