करौली में गणेश चतुर्थी पर भव्य स्थापना और उत्सव
शहर के मंदिरों व पांडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा-अर्चना
करौली में गणेश चतुर्थी के अवसर पर विभिन्न मंदिरों और पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना और पूजा-अर्चना की गई। शहर में 10 दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें भजन प्रस्तुति, शोभायात्रा और झांकियों का आयोजन शामिल था। अनंत चतुर्दशी पर भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
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करौली। करौली में गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर सोमवार को श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना कर उत्साह और आस्था का प्रदर्शन किया। शहर के मंदिरों और पूजा पंडालों में भक्तों की भीड़ जुटी रही, जहां गणपति बप्पा के जयकारे गूंजे।
विनोबा बस्ती स्थित शिव मंदिर में गणपति सहस्त्रार्चन के साथ पांच दिवसीय गणेश महोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान के एक हजार नामों का जाप किया और विधिवत पूजा-अर्चना की। पार्क में गजानन की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई।
कुड़गांव के टीले वाले हनुमान मंदिर प्रांगण में गणेश भक्त मंडल की ओर से स्थापना उत्सव मनाया गया, जहां आचार्य कृष्णानंद शास्त्री ने पूजा-अर्चना कराई। मंदिर परिसर में 10 दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हुआ, जिसमें स्थानीय भजन कलाकार रात्रि में भगवान गणेश के भजनों की प्रस्तुति देंगे।
शहर के सभी गणेश मंदिरों, घरों और प्रतिष्ठानों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ गणेशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों और पांडालों में फूल-बंगला और छप्पनभोग की झांकियां सजाई गईं। श्रद्धालुओं ने रंग-बिरंगी रोशनी के साथ प्रसाद बनाने का कार्य पहले से शुरू कर रखा था।
जिला मुख्यालय पर भूडारा बाजार में गणेश भक्त मंडल की ओर से भव्य आयोजन हुआ, जिसमें श्री राधा-कृष्ण, बाहुबली हनुमान जी और श्री राम दरबार की झांकियां शामिल रहीं। हजारों श्रद्धालु झांकियां देखने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा की और महा आरती के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
हिंडौन गेट स्थित गणेश मंदिर में चोला चढ़ाकर भोग लगाया गया। अनाज मंडी और फूटाकोट के मंदिरों में भी चोला चढ़ाकर प्रसाद वितरण हुआ। मेले में बच्चों ने गुब्बारे और खिलौने खरीदे, जबकि बड़े अन्य सामानों की खरीदारी में व्यस्त रहे।
कस्बे में जगह-जगह गणेश दरबार सजाए गए। ब्रह्मपुरी में सकल विप्र समाज ने महाआरती कराई, जिसमें समाज के कई सदस्य शामिल हुए। टनाटन गणेश दरबार से निकाली गई शोभायात्रा में विभिन्न झांकियां शामिल रहीं।
शहर और आसपास के क्षेत्र में गणेश चतुर्थी उत्साह से मनाई गई, बाजारों और मोहल्लों में सुबह से चहल-पहल रही।
10 दिवसीय धार्मिक आयोजन के समापन पर 16 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगवान गणेश की प्रतिमा को आकर्षक रथ में सजाकर शोभायात्रा निकाली जाएगी। विसर्जन यात्रा दोपहर 12 बजे शहर के गणेश गेट से शुरू होकर पांचना बांध तक जाएगी।
आगरा से लायी गई मिट्टी से बनी 7 फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर स्थापना की गई। तीन दिवसीय गणेश महोत्सव के दौरान छप्पनभोग की झांकी और विभिन्न सजीव झांकियां भी सजाई गईं।
डीजे की धुनों और जयकारों के साथ शोभायात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों से होकर निकलेगी। श्रद्धालुओं को मंदिर प्रांगण में दर्शन, पूजन और आरती में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गणेश महोत्सव में कौन-कौन से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए?
- गणपति सहस्त्रार्चन सहित पूजा-अर्चना, भजन प्रस्तुति और महाआरती जैसे कार्यक्रम हुए।
- शोभायात्रा कब और कहां से निकाली जाएगी?
- 16 सितंबर को दोपहर 12 बजे गणेश गेट से पांचना बांध तक रथ यात्रा निकलेगी।
- गणेश प्रतिमा किस सामग्री से बनी थी और उसकी ऊंचाई क्या थी?
- आगरा से लाई गई मिट्टी से बनी 7 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की गई।
- त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं ने किन गतिविधियों में भाग लिया?
- श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ पुष्प वर्षा, प्रसाद ग्रहण और झांकियों का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
- गणेशोत्सव के दौरान समुदाय ने क्या विशेष आयोजन किए?
- ब्रह्मपुरी में सकल विप्र समाज ने महाआरती कराई और टनाटन गणेश दरबार से शोभायात्रा निकाली गई।
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