गोरखपुर के किसान जैविक खेती से बढ़ा रहे आय
प्रोत्साहन योजनाओं से किसानों को मिल रही तकनीकी और आर्थिक मदद
गोरखपुर के किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनाओं के तहत जैविक खेती अपना कर कम लागत में अधिक आय प्राप्त कर रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा अनुदान, तकनीकी सहायता और जैविक प्रमाणीकरण की सुविधा दी जा रही है, जिससे लगभग 12,500 किसान लाभान्वित हो चुके हैं। जैविक सब्जियों की बढ़ती मांग और बेहतर दाम मिलने से किसानों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।
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गोरखपुर। गोरखपुर में किसान प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाकर कम लागत में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित योजनाओं से इस रुझान को बढ़ावा मिला है। कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. धनंजय सिंह ने बताया कि किसानों को जैविक खेती के लिए अनुदान और तकनीकी सहायता दी जा रही है।
डॉ. धनंजय सिंह के अनुसार, परंपरागत कृषि विकास योजना और नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत किसानों को जैविक खाद, बीज, वर्मी कंपोस्ट यूनिट सहित संसाधनों के लिए अनुदान दिया जाता है। इसके साथ ही जैविक प्रमाणीकरण निशुल्क या रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के पंजीकृत किसानों को प्रति एकड़ दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिसका लाभ अब तक 12,500 किसानों ने लिया है।
परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जैविक बीज, हरी खाद और लिक्विड बायो फर्टिलाइजर के लिए प्रति एकड़ 3,600 रुपये या प्रति किसान अधिकतम 9,000 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। इस योजना से जिले के 400 किसान लाभान्वित हो चुके हैं।
ब्रह्मपुर के आकिब जावेद, फार्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन के संचालक, बताते हैं कि किसान अब बाजार से यूरिया और डीएपी खरीदने के बजाय जीवामृत, घनजीवामृत और नीम आधारित कीटनाशक स्थानीय स्तर पर तैयार कर रहे हैं। इससे खेती की लागत में 30 से 40 फीसदी तक कमी आई है।
जैविक उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण किसानों को उपज के बेहतर दाम मिल रहे हैं। जैविक खेती में सब्जियों के उत्पादन पर अधिक जोर है क्योंकि ये नकदी फसल है और कम समय में तैयार हो जाती है, जिससे नियमित आमदनी होती है। ब्रह्मपुर में बड़े पैमाने पर जैविक सब्जियों का उत्पादन हो रहा है।
रासायनिक कीटनाशकों की जगह फेरोमोन ट्रैप, ट्राइकोडर्मा और जैविक घोल का इस्तेमाल किया जा रहा है। शहरी बाजारों में जैविक सब्जियों के दाम सामान्य उपज से 25 से 35 फीसदी अधिक मिल रहे हैं, जिससे किसानों की शुद्ध आय में वृद्धि हो रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जैविक खेती के लिए किसानों को किन प्रकार की सहायता मिलती है?
- किसानों को अनुदान, तकनीकी सहायता और जैविक प्रमाणीकरण निशुल्क या रियायती दर पर दिया जाता है।
- किसान किस तरह के जैविक उत्पाद बाजार में बेच रहे हैं?
- किसान ज्यादातर जैविक सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं क्योंकि ये नकदी फसल हैं और जल्दी तैयार हो जाती हैं।
- जैविक खेती में कीट नियंत्रण के लिए क्या उपाय हो रहे हैं?
- रासायनिक कीटनाशकों की जगह फेरोमोन ट्रैप, ट्राइकोडर्मा और जैविक घोल का उपयोग किया जा रहा है।
- जैविक खेती अपनाने के कारण किसानों की लागत में क्या बदलाव आया है?
- किसानों ने यूरिया और डीएपी की बजाय स्थानीय स्तर पर जीवामृत और नीम आधारित कीटनाशक तैयार कर 30-40% लागत बचाई है।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनाओं का जैविक खेती पर क्या प्रभाव है?
- उनके नेतृत्व में चलाई जा रही योजनाओं से जैविक खेती को बढ़ावा मिला और किसानों को वित्तीय व तकनीकी मदद उपलब्ध हुई।
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