श्रीगंगानगर में सिंचाई पानी को लेकर किसान सभा और महापंचायत
घड़साना नई मंडी में हजारों किसान सिंचाई पानी की मांग को लेकर जुटे
श्रीगंगानगर की नई मंडी घड़साना में सिंचाई पानी सहित कई मांगों को लेकर किसान सभा और महापंचायत हुई, जिसमें 10 से 15 हजार किसान शामिल हुए। किसानों ने इंदिरा गांधी नहर परियोजना में रेगुलेशन जारी करने, खराब फसलों का मुआवजा और अनूपगढ़ शाखा को रिजर्व करने की मांग की है और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की है। आंदोलन को व्यापार मंडल और बार एसोसिएशन का समर्थन प्राप्त है, जबकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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श्रीगंगानगर। श्रीगंगानगर जिले की नई मंडी घड़साना में सिंचाई पानी सहित कई मांगों को लेकर किसान सभा और महापंचायत आयोजित हुई। संघर्ष समिति के कोर्डिनेटर हरसुख चौधरी ने बताया कि सभा में करीब 10 से 15 हजार किसान शामिल हुए। किसानों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है।
धान मंडी के शेड के नीचे हुई किसान सभा में घड़साना, रावला, अनूपगढ़, खाजूवाला और 365 हेड समेत आसपास के गांवों के किसान शामिल हुए। किसानों की मुख्य मांगों में इंदिरा गांधी नहर परियोजना में छह माह का रेगुलेशन जारी करना, खराब हुई मूंग की फसल का मुआवजा दिलाना और अनूपगढ़ शाखा को रिजर्व करना शामिल है। किसान सिंचाई पानी की सही उपलब्धता और उचित रेगुलेशन न होने से फसलों पर बुरा असर पड़ने की बात कर रहे हैं।
किसान सभा के बाद तहसील कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की तैयारी है। आंदोलन के लिए किसान संगठनों ने लगातार जनसंपर्क किया है। बड़ी संख्या में किसानों के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं।
घड़साना का बाजार किसानों के समर्थन में पूरी तरह बंद रखा गया है। व्यापारियों ने भी आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है। किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों से बड़ी संख्या में किसान नई मंडी की ओर बढ़ रहे हैं।
किसान संगठनों का कहना है कि सिंचाई पानी किसानों की सबसे बड़ी जरूरत है और इस मुद्दे पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। आंदोलनकारी किसानों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगों को लेकर आंदोलन किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेगा। महापंचायत में आगे की रणनीति पर भी चर्चा होगी।
संयुक्त व्यापार मंडल और बार एसोसिएशन ने किसानों के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है, जिससे आंदोलन को मजबूती मिली है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। किसानों ने दो टूक कहा है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
घड़साना की नई मंडी में हुई किसान महापंचायत को आंदोलन की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किसानों की मुख्य शिकायतें क्या हैं?
- किसानों का कहना है कि सिंचाई पानी की सही उपलब्धता और उचित रेगुलेशन न होने से उनकी फसलों को नुकसान हो रहा है।
- किसान सभा में किन गांवों के किसान शामिल हुए?
- घड़साना, रावला, अनूपगढ़, खाजूवाला और 365 हेड सहित आसपास के गांवों के किसान सभा में आए।
- किसान आंदोलन की आगे की योजना क्या है?
- महापंचायत में आगे की रणनीति पर चर्चा होगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
- प्रशासन ने आंदोलन पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
- प्रशासन और पुलिस ने बड़ी संख्या में किसानों के आने की संभावना को देखते हुए सभी व्यवस्थाओं पर नजर रखी हुई है।
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