पटना में 70वीं BPSC और दारोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग
छात्रों ने अनियमितताओं का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया, पुलिस से झड़प भी हुई
पटना में 70वीं BPSC परीक्षा और 1799 पदों वाली दारोगा भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप के चलते छात्रों ने परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई और कई प्रमुख मार्ग बंद रहे। छात्र बिहार कर्मचारी चयन आयोग से परीक्षाओं में पारदर्शिता और वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की भी मांग कर रहे हैं।
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पटना। बिहार की राजधानी पटना में 70वीं BPSC परीक्षा और 1799 पदों वाली दारोगा भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप के बाद छात्रों ने परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। गांधी मैदान से निकले प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जेपी गोलंबर के पास झड़प हुई।
प्रदर्शन और पुलिस से टकराव
पटना में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। गांधी मैदान से नारेबाजी करते हुए निकले छात्रों के भारी हुजूम को रोकने के लिए प्रशासन ने जेपी गोलंबर पर कड़ी बेरिकेडिंग की, लेकिन छात्रों ने लोहे के बेरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें जबरन रोका, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच जोरदार धक्का-मुक्की हुई।
प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर से रामगुलाम चौक तक मुख्य मार्ग जाम कर दिया। पुलिस ने आर ब्लॉक से जीपीओ और जीपीओ से आर ब्लॉक तक मार्ग बंद कर दिया, लेकिन छात्र पुलिस के घेरे को तोड़कर विधानसभा की ओर बढ़ गए। इस दौरान अशोक राजपथ समेत आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हुआ। पुलिस बल और दंगा रोधी दस्ते तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास किया गया।
छात्रों की मांग और आरोप
छात्रों का आरोप है कि 70वीं BPSC परीक्षा और दारोगा भर्ती की 1799 पदों वाली प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं, इसलिए इन्हें तुरंत पूरी तरह निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने बिहार कर्मचारी चयन आयोग की लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित करने और आगामी परीक्षाओं के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने की भी मांग की है।
अभ्यर्थियों ने सरकारी नियुक्तियों में संविदा कर्मियों को दिए जाने वाले वेटेज को समाप्त करने की मांग भी रखी। प्रदर्शनकारी मास्क लगाकर और चेहरे पर रुमाल बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे हैं। छात्रों ने कहा कि आयोग उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है और तानाशाही रवैया अपना रहा है, इसलिए वे अपना संदेश सांकेतिक रूप से मुंह छिपाकर दे रहे हैं।
अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए
छात्र
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- छात्र अपनी मांगें किसके सामने रख रहे हैं?
- छात्र अपनी मांगें बिहार कर्मचारी चयन आयोग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रख रहे हैं।
- छात्र विवाद के दौरान अपनी पहचान क्यों छिपा रहे हैं?
- छात्रों ने अपनी सुरक्षा और संभावित दंड से बचने के लिए प्रदर्शन में मास्क और चेहरे पर रुमाल बांधकर भाग लिया है।
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