बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 46.88 लाख प्रभावित
गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, राहत कार्य जारी
बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 46.88 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जहां गंगा, गंडक, कोसी और अन्य नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। राज्य सरकार ने राहत शिविर लगाए हैं और लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए मोटर बोट प्रदान की हैं, जबकि आईएमडी ने अगले तीन दिनों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
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बेगूसराय। बिहार के 15 जिलों में बाढ़ से 46.88 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। गंगा, गंडक, कोसी और अन्य नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बिहार में भारी बारिश और नदियों के उफान के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। आपदा प्रबंधन विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया जिलों के 88 प्रखंडों की 561 ग्राम पंचायतों में 46.88 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में 1,194 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं और 15 राहत शिविरों में 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। नगर परिषद की ओर से राहत सामग्री के साथ पेयजल भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बैराज के सभी 30 गेट 24 घंटे खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं। अभियंताओं की टीम को तटबंधों की निगरानी बढ़ाने का निर्देश भी दिया गया है।
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए मोटर बोट मुहैया कराई गई है। हालांकि, कई स्थानों पर आवागमन में परेशानी बनी हुई है और लोग नाव की आवश्यकता जता रहे हैं।
पशुपालक अपने मवेशियों के साथ गुप्ता बांध पर शरण लिए हुए हैं और जान जोखिम में डालकर चारा लाने को मजबूर हैं। कई स्थानों के पशुपालक दूर-दराज से पशुचारा लाकर अपने पशुओं का पेट भर रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को जल्द ही राहत सामग्री का वितरण किया जाएगा। दवाई की व्यवस्था की गई है, लेकिन दूध पीने वाले बच्चों के लिए कोई विशेष उपाय नहीं हो पाया है।
बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक राज्य में 90 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है। आईएमडी ने अगले तीन दिन कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य कैसे चल रहे हैं?
- राहत शिविरों में आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और नगर परिषद पेयजल भी प्रदान कर रही है।
- बाढ़ के कारण पशुपालकों की क्या स्थिति है?
- पशुपालक अपने मवेशियों के साथ बांध पर शरण लिए हुए हैं और मवेशियों के चारे के लिए जोखिम लेकर दूर से चारा ला रहे हैं।
- मौसम विभाग बाढ़ की स्थिति को लेकर क्या चेतावनी दे रहा है?
- आईएमडी ने अगले तीन दिन कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है जिससे बाढ़ और गंभीर हो सकती है।
- नदियों के जलस्तर को लेकर क्या व्यवस्थाएं की गई हैं?
- गंगा बैराज के सभी 30 गेट 24 घंटे खुले रखने और तटबंधों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
- बच्चों के लिए क्या उपचार उपलब्ध हैं?
- बढ़िया दवाई की व्यवस्था की गई है लेकिन दूध पीने वाले बच्चों के लिए कोई विशेष उपाय नहीं हो सके हैं।
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