डूंगरपुर में BAP महिला प्रत्याशी को 0 वोट मिले
वार्ड 3 की बाहरी महिला उम्मीदवार को अपना वोट भी नहीं मिला
डूंगरपुर नगर परिषद के वार्ड 3 में भारत आदिवासी पार्टी की महिला प्रत्याशी आशा रोत को एक भी वोट नहीं मिला, क्योंकि उनका वोट दूसरी वार्ड में था और उन्होंने खुद को वोट नहीं दिया। कांग्रेस की जसू बेन डोडा ने 430 वोट लेकर चुनाव जीता। वहीं, भाजपा के पूर्व उपसभापति सुदर्शन जैन को उनके ही पार्टी के बागी से हार का सामना करना पड़ा।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
डूंगरपुर। डूंगरपुर नगर परिषद के वार्ड 3 में भारत आदिवासी पार्टी की महिला प्रत्याशी आशा रोत को एक भी वोट नहीं मिला। वह खुद को भी वोट नहीं दे सकीं क्योंकि उनका वोट वार्ड 26 में है। यह मामला निकाय चुनावों के बाद चर्चा का विषय बना है।
आशा रोत को वार्ड 3 से टिकट दिया गया था, जबकि वह उस वार्ड की निवासी नहीं हैं। नामांकन में प्रस्तावक ने भी उन्हें वोट नहीं दिया। वार्ड 3 में कांग्रेस की जसू बेन डोडा ने 430 वोट लेकर जीत हासिल की।
डूंगरपुर नगर परिषद के उपसभापति रहे भाजपा के सुदर्शन जैन वार्ड 31 में बाहरी प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े, लेकिन वे अपने ही पार्टी के बागी और निर्दलीय प्रत्याशी सुनील जैन से 282 वोट से हार गए। जीत के बाद सुनील जैन ने भाजपा का समर्थन कर दिया और वे भाजपा की बाड़ेबंदी में शामिल हो गए।
यह चुनाव परिणाम डूंगरपुर में भाजपा के लिए कई चौंकाने वाले रहे हैं। उपसभापति की हार और बाहरी उम्मीदवारों की स्थिति ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आशा रोत ने खुद को वोट क्यों नहीं दिया?
- उनका मताधिकार वार्ड 26 में है, जबकि वे वार्ड 3 से प्रत्याशी थीं।
- सुदर्शन जैन की हार का क्या प्रभाव पड़ा?
- उनकी हार और बाहरी उम्मीदवारों की स्थिति ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित किया।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद




Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.