डूंगरपुर के दो वार्डों में निर्विरोध चयन से नहीं हुआ मतदान
वार्ड 23 और 28 में नए मतदाताओं का वोट डालने का सपना अधूरा रहा
डूंगरपुर के वार्ड 23 और 28 में नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के निर्विरोध चयन के कारण मतदान नहीं हुआ। इसके कारण पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर नहीं मिला। इससे चुनावी प्रक्रिया में भीड़-भाड़ नहीं रही और क्षेत्र में चुनावी गतिविधियाँ शांत रहीं।
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डूंगरपुर। डूंगरपुर के वार्ड 23 और 28 में नगर निकाय चुनाव में मतदान नहीं हुआ क्योंकि दोनों वार्डों में प्रत्याशियों का निर्विरोध चयन हो गया। इससे पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का मौका नहीं मिला।
वार्ड 23 में पुराने शहर के भोईवाड़ा, कोतवाली, जामा मस्जिद, खटीकवाड़ा और कलालों का मंदिर क्षेत्र शामिल है। इस वार्ड में भाजपा के मनन कलासुआ और कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में थे। नामांकन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन आपराधिक मामले से जुड़ी जानकारी छिपाने के कारण रद्द हो गया। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी मनन कलासुआ का निर्विरोध चयन हो गया और मतदान की आवश्यकता नहीं रही।
वार्ड 28 में भी प्रत्याशी के निर्विरोध चयन के कारण मतदान नहीं हुआ। दोनों क्षेत्रों में चुनावी प्रक्रिया का प्रमुख हिस्सा यानी मतदान न होने से नए मतदाताओं में खास तौर पर मायूसी देखी गई। निर्विरोध चयन के बाद भोईवाड़ा और विजयगंज कॉलोनी में चुनावी माहौल पूरी तरह शांत रहा। न राजनीतिक दलों के झंडे-बैनर दिखाई दिए और न ही चुनाव कार्यालय नजर आए। लोग अपने कामकाज में व्यस्त थे।
भोईवाड़ा निवासी मोनित भोई इस साल 18 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद पहली बार मतदाता बना था। चुनाव से पहले उसने बीएलओ के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाया था। निकाय चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद उसे पहली बार मतदान करने का खासा उत्साह था। मोहल्ले में चुनावी चर्चाओं के बीच वह इलाके की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर चर्चा कर रहा था। लेकिन नामांकन रद्द होने के बाद प्रत्याशी का निर्विरोध चयन हो गया और मतदान नहीं हुआ। इससे पहली बार वोट डालने की उसकी उम्मीद टूट गई। मोनित का कहना है कि पहली बार वोटर कार्ड बनवाने के बाद बूथ पर जाकर मतदान करने और उंगली पर चुनावी स्याही लगवाने की इच्छा थी। इसके बाद स्याही लगी उंगली के साथ सेल्फी लेने का सपना भी था, लेकिन अब यह मौका विधानसभा चुनाव में ही मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन क्यों रद्द हुआ?
- नामांकन में आपराधिक मामले से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप था, इसलिए रद्द किया गया।
- निर्विरोध चयन के बाद चुनावी माहौल कैसा रहा?
- चुनावी माहौल पूरी तरह शांत रहा, राजनीतिक दलों के झंडे-बैनर और चुनाव कार्यालय नहीं दिखे।
- पहली बार वोट डालने वाले युवाओं की प्रतिक्रिया क्या रही?
- युवाओं में खास तौर पर मायूसी देखी गई क्योंकि उन्हें अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का मौका नहीं मिला।
- मोनित भोई ने मतदान के लिए क्या तैयारी की थी?
- उसने बीएलओ के माध्यम से नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाया था और मतदान करने का उत्साह था।
- मोनित भोई अब मतदान कब कर पाएगा?
- अब मोनित भोई को मतदान का मौका अगली विधानसभा चुनाव में मिलेगा।
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