चांदनी चौक के कूचा महाजनी में 56 दुकानें सील
सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी ने मास्टर प्लान उल्लंघन पर कार्रवाई तेज की
दिल्ली नगर निगम की टीम ने चांदनी चौक के कूचा महाजनी में मास्टर प्लान-2021 के नियमों के उल्लंघन और बेसमेंट के दुरुपयोग को रोकने के लिए 56 दुकानों को सील कर दिया। यह कार्रवाई हाल ही में सत्य निकेतन में हुई इमारत गिरने की घटना के बाद की गई सख्त निगरानी का हिस्सा है। व्यापारियों ने कार्रवाई की अचानक और बिना पूर्व सूचना देने पर आपत्ति जताई है।
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दिल्ली नगर निगम की टीम ने गुरुवार सुबह पुलिस बल के साथ चांदनी चौक स्थित कूचा महाजनी में 56 दुकानों को अचानक सील कर दिया। यह कार्रवाई मास्टर प्लान-2021 के नियमों के उल्लंघन और बेसमेंट के दुरुपयोग को रोकने के लिए की गई।
एमसीडी के सिटी-एसपी जोन की टीम ने करीब 11:30 बजे बिना पूर्व सूचना के कई इमारतों में स्थित दुकानों पर नोटिस चस्पा किए और तुरंत सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान तीन प्रमुख इमारतों के भूतल और बेसमेंट में स्थित 56 दुकानों को सील कर दिया गया।
कारोबारियों का आरोप है कि उन्हें कार्रवाई से पहले पर्याप्त समय नहीं दिया गया और अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया है। दुकानों के अंदर करोड़ों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बंद रह गई है।
व्यापारियों ने सवाल उठाया है कि क्या सत्य निकेतन हादसे के बाद केवल कारोबारियों को ही इस कार्रवाई का खामियाजा भुगतना पड़ेगा या सरकारी विभागों और नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि संबंधित संपत्ति के बेसमेंट के दुरुपयोग को रोकने और परिसर को 48 घंटे के भीतर मास्टर प्लान के तहत अनुमत उपयोग के दायरे में लाने का निर्देश था, अन्यथा इसे सील किया जाना था।
एमसीडी अधिकारियों ने बताया कि मास्टर प्लान-2021 के नियमों का उल्लंघन और बेसमेंट के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है। निगम की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के सर्राफा व्यापारियों में भारी रोष है।
सत्य निकेतन क्षेत्र में हाल ही में हुई एक पुरानी और अवैध रूप से निर्मित इमारत गिरने की घटना में सात लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार और नगर निगम ने अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एमसीडी अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया था कि वे अवैध निर्माण और मास्टर प्लान के नियमों का उल्लंघन करने वाली व्यावसायिक संपत्तियों पर तत्काल कार्रवाई करें।
व्यापारी संगठनों ने प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि हादसे की आड़ में केवल छोटे-बड़े व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है। फिलहाल सीलिंग की कार्रवाई से कूचा महाजनी के व्यापारियों में भय और अनिश्चितता का माहौल है, जबकि निगम अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- कार्रवाई किस तरह की गई?
- एमसीडी की टीम ने बिना पूर्व सूचना के नोटिस चस्पा कर दुकानें तुरंत सील कर दीं।
- सत्य निकेतन हादसे का मामले में क्या कदम उठाए गए?
- हादसे के बाद परिवादी निर्माण और नियम उल्लंघन पर दिल्ली सरकार और नगर निगम ने सख्त कदम उठाए।
- व्यापारियों ने प्रशासन पर क्या आरोप लगाए?
- व्यापारियों ने आरोप लगाया कि छोटे-बड़े व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि नेताओं और सरकारी विभागों पर कार्रवाई नहीं हो रही।
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