दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुलडोजर से अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए
सत्य निकेतन हादसे के बाद एमसीडी ने 17 इमारतें ध्वस्त कीं, कई इलाकों में कार्रवाई तेज
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर से कार्रवाई तेज करने और वरिष्ठ अधिकारियों को ग्राउंड पर रहने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम ने विभिन्न इलाकों में 48 संपत्तियों को ध्वस्त किया, कई को सील किया और नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी किए। इसके साथ ही दिल्ली में पीजी और हॉस्टल का सघन निरीक्षण कर अवैध निर्माणों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को नगर निगम ने 17 इमारतें ध्वस्त कीं और बुधवार को कई इलाकों में बुलडोजर कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को ग्राउंड पर रहने का आदेश दिया है।
सत्य निकेतन में हुई इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को नगर निगम ने अलग-अलग इलाकों में 17 इमारतों को ध्वस्त किया और पांच संपत्तियों को सील किया। इसके साथ ही नौ लोगों को कारण बताओ नोटिस, दो को सीलिंग नोटिस और 15 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।
एमसीडी ने सैदुलाजाब, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोलबाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार जैसे इलाकों में कार्रवाई की है। इन क्षेत्रों में कई अवैध निर्माण पाए गए हैं, जिनमें से कई मकानों का नक्शा पास नहीं कराया गया था और कुछ को तय मापदंड से अधिक ऊंचा बनाया गया था।
सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शीर्ष सरकारी और एमसीडी अधिकारियों के साथ बैठक कर पीजी आवास वाले इलाकों में निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए। खासतौर पर उन मकानों का निरीक्षण करने को कहा गया, जिनमें ऊंचाई और मंजिल संबंधी नियमों का उल्लंघन हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार, एक से आठ सितंबर के बीच नगर निगम ने 48 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 15 संपत्तियों को सील किया। इसी अवधि में 90 कारण बताओ नोटिस, 124 सीलिंग नोटिस और 66 तोड़फोड़ आदेश जारी किए गए। जून से अगस्त के बीच एमसीडी ने 959 संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की और 456 संपत्तियों को सील किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को ग्राउंड पर रहने और अवैध निर्माण पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग रिकॉर्ड खंगाले जाएं और पता लगाया जाए कि किस वर्ष और किस अधिकारी के कार्यकाल में निर्माण हुआ। दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
साथ ही दिल्ली के सभी पीजी और हॉस्टल का सघन निरीक्षण करने को कहा गया है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई क्यों तेज की गई?
- सत्य निकेतन में हुई इमारत गिरने की घटना के बाद कार्रवाई तेज की गई।
- अवैध निर्माणों में किन नियमों का उल्लंघन पाया गया?
- अधिकांश मकानों का नक्शा पास नहीं था और कई निर्माण तय मापदंड से अधिक ऊंचे थे।
- कौन-कौन से इलाकों में बुलडोजर अभियान चलाया गया?
- सैदुलाजाब, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोलबाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार शामिल हैं।
- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से क्या खास अनुरोध किया?
- उन्होंने दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने और बिल्डिंग रिकॉर्ड की जांच का निर्देश दिया।
- पीजी और हॉस्टलों की जांच क्यों की जा रही है?
- ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
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