सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने से 7 की मौत, 12 बचाए गए
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर 5 अधिकारी निलंबित, अगली सुनवाई 25 सितंबर
दिल्ली में सत्य निकेतन की पीजी बिल्डिंग गिरने से सात लोगों की मौत हो गई और 12 लोगों को बचाया गया है। बिल्डिंग मालिक हरिराम गुप्ता को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि निगम के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। उपराज्यपाल और सरकार पीजी और कोचिंग संस्थानों वाले इलाकों का ऑडिट कराने का निर्णय लिया है।
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दिल्ली में सत्य निकेतन की पीजी बिल्डिंग गिरने से सात लोगों की मौत हो गई है। मलबे से 12 लोगों को बचाया गया, जबकि पांच घायल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर निगम उपायुक्त समेत पांच जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
हादसे के बाद कार्रवाई
सत्य निकेतन हादसे में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम गुप्ता को भिवाड़ी से गिरफ्तार किया। कोर्ट ने हरिराम और उसकी पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है, जबकि उनके बेटे महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में रखा गया है। निगम उपायुक्त समेत पांच जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने हादसे में गिरी इमारत के पास असुरक्षित मकान को गिराने के आदेश दिए हैं। प्रभावित छात्रों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था सरकार की ओर से की गई है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पीजी और कोचिंग संस्थानों वाले इलाकों का ऑडिट कराने का फैसला किया।
डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कॉलेज प्राचार्यों को छात्रावास बनाने की दिशा में काम करने को कहा। पुलिस ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करने में तेजी दिखाई है। हॉस्टल डेज कंपनी के मालिकों और कर्मचारियों की तलाश जारी है।
रेस्क्यू और जांच
लगभग 28 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन सात छात्रों की मौत हो गई। पांच घायल हैं, जिनमें चार का अस्पताल में इलाज चल रहा है। राहत अभियान के बाद मलबा हटाकर पूरी तलाशी ली गई।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। अदालत ने 10 दिन के अंदर जांच पूरी कर जवाब दाखिल करने को कहा है कि क्या गिराई गई इमारत वैध अनुमति से बनी थी। अदालत ने एमसीडी से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भी मांगा है।
अदालत ने कहा कि पीजी और निजी हॉस्टल न केवल खतरनाक हैं, बल्कि जानलेवा भी हैं। छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बिल्डिंग मालिकों के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों की भी है। अदालत ने कहा कि यदि पीजी और निजी हॉस्टल को नियंत्रित करने के लिए दिशानिर्देश नहीं हैं तो तत्काल बनाए जाएं।
यदि जांच में कोई अन्य अधिकारी भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी
रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री
दिल्ली के उन इलाकों का ऑडिट कराया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में पीजी और कोचिंग संस्थान चल रहे हैं
आशीष सूद, शहरी विकास मंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- बिल्डिंग गिरने का कारण क्या माना जा रहा है?
- अदालत जांच कर रही है कि क्या बिल्डिंग वैध अनुमति से बनी थी और असुरक्षित निर्माण की वजह से हादसा हुआ।
- सरकार ने प्रभावित छात्रों के लिए क्या सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं?
- सरकार ने प्रभावित छात्रों के रहने-खाने की व्यवस्था की है और संबंधित इलाकों का ऑडिट कराने का फैसला किया है।
- क्या जिम्मेदार अधिकारियों के अलावा अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है?
- हाँ, यदि जांच में अन्य अधिकारी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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