दिल्ली की बहुमंजिला इमारत गिरने से छह की मौत
15 घंटे से जारी राहत और बचाव अभियान में मलबा हटाकर दबे लोगों की तलाश
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई है और राहत एवं बचाव कार्य जारी है। दिल्ली सरकार ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। नगर निगम ने चार मंजिल से अधिक के सभी अवैध निर्माण सील करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत के गिरने से छह लोगों की मौत हो गई है। हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ, जिसके बाद 15 घंटे से अधिक समय तक राहत और बचाव कार्य जारी रहा।
हादसे के बाद एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमें मलबा हटाकर दबे लोगों की तलाश कर रही हैं। देर रात एक और शव मिलने से मृतकों की संख्या छह हो गई। बताया गया है कि शॉप नंबर-14 को अवैध तरीके से बहुमंजिला इमारत में तब्दील किया गया था, जिसमें एक पीजी चल रहा था जहां कई छात्र रह रहे थे।
मलबा हटाने के दौरान हादसे वाली इमारत के नीचे का बेस कमजोर होने से बगल की पांच मंजिला इमारत की भी हालत खराब हो गई है। इसे खाली करा दिया गया है और फिलहाल सपोर्ट सिस्टम लगाया जा रहा है। यह इमारत पुराने तरीके से बनी है, जिसमें पिलर नहीं बल्कि ईंटों को सीधे जोड़कर दीवारें बनाई गई हैं।
दिल्ली सरकार ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय ने बताया कि भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नगर निगम ने चार मंजिल से अधिक के सभी अवैध निर्माण तत्काल सील करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। हादसे ने दिल्ली में पीजी और छात्र आवासों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पूर्व दिल्ली मुख्य सचिव ओमेश सहगल ने बताया कि यह अकेली घटना नहीं है और कई इलाकों में अनधिकृत निर्माण और घटिया निर्माण की समस्या है। उन्होंने भीड़भाड़ वाले इलाकों में नए निर्माण पर रोक लगाने की जरूरत बताई।
कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने छात्र सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। सत्य निकेतन में शॉप नंबर-12 और 13 से जुड़ी अवैध इमारतों में संचालित गर्ल्स पीजी को भी खाली करा दिया गया है और इन्हें जल्द हटाने की तैयारी है ताकि पुनः ऐसी घटना न हो।
अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा, "समय पर पर्याप्त मेडिकल और बचाव संसाधन पहुंचते तो और जानें बचाई जा सकती थीं।" अध्यक्ष रजत चौधरी ने कहा, "यह राजनीति का समय नहीं है और सभी दलों को प्रभावित परिवारों तथा बचाव दलों का साथ देना चाहिए।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- इमारत गिरने का कारण क्या था?
- इमारत का बेस कमजोर था और अवैध तरीके से बहुमंजिला बनाया गया था, जिसमें पिलर नहीं थे।
- क्या आसपास की इमारतों को भी खतरा है?
- हां, हादसे वाली इमारत के नीचे के बेस कमजोर होने से बगल की पांच मंजिला इमारत की हालत भी खराब हो गई है।
- सरकार ने हादसे के बाद क्या कदम उठाए हैं?
- दिल्ली सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
- क्या अन्य अवैध पीजी और छात्र आवासों के बारे में कोई कार्रवाई हुई?
- सत्य निकेतन के शॉप नंबर-12 और 13 से जुड़ी अवैध गर्ल्स पीजी को खाली कर दिया गया है।
- क्या इस समस्या को लेकर कोई बड़ी चिंता व्यक्त की गई है?
- पूर्व दिल्ली मुख्य सचिव ओमेश सहगल ने अनधिकृत और घटिया निर्माण की समस्या उजागर करते हुए नए निर्माण पर रोक लगाने का सुझाव दिया।
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