सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली के PG हॉस्टलों की सुरक्षा जांच का आदेश
सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली के PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा ऑडिट की मांग, 10 सितंबर तक रिपोर्ट जमा करनी होगी
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा जांच का आदेश दिया है। नगर निगम ने सभी जोन में इमारतों का निरीक्षण शुरू कर दिया है और 10 सितंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
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दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली के PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा जांच की मांग उठी है। नगर निगम ने सभी जोन में इमारतों का निरीक्षण शुरू कर दिया है और अधिकारियों को 10 सितंबर तक रिपोर्ट जमा करनी होगी।
सत्य निकेतन हादसे की जांच और बचाव
सत्य निकेतन में बेसमेंट की खुदाई के दौरान एक पिलर खिसकने से इमारत गिर गई, जिससे सात लोगों की मौत हुई। 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया और बचाव अभियान करीब 27 घंटे तक चला। पुलिस ने प्रॉपर्टी मालिक उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
नगर निगम ने साउथ जोन के पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, जिनमें से तीन पहले भी विवादों में रह चुके हैं। फिलहाल साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार IAS अफसर शाश्वत सौरभ को सौंपा गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे के बाद सख्त रुख अपनाते हुए पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया।
सुप्रीम कोर्ट में सुरक्षा जांच की मांग
सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत सिन्हा और एमिकस क्यूरी ने दिल्ली के PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा जांच कराने की मांग की है। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 सितंबर को सुनवाई तय की है। महादेवन की पीठ ने कहा कि यह मुद्दे पूरे देश के स्तर पर देखे जा रहे मामलों से मिलते-जुलते हैं।
दिल्ली नगर निगम ने बिल्डिंग विभाग के इंजीनियरों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने इलाके की इमारतों का निरीक्षण करें और 10 सितंबर तक पूरी रिपोर्ट तैयार करें। यह रिपोर्ट दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में शामिल होगी। संबंधित जोन के अतिरिक्त आयुक्त भी जांच प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
सत्य निकेतन हादसे के बाद राजधानी की पुरानी और कमजोर इमारतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर कॉलेज और विश्वविद्यालयों के आसपास चल रहे छात्र आवासों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर, लक्ष्मी नगर, साकेत और सत्य निकेतन जैसे छात्र इलाकों में चलने वाले सभी पेइंग गेस्ट हॉस्टलों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के आदेश दिए हैं।
दिल्ली नगर निगम ने इस साल की शुरुआत में 27,84,286 इमारतों का सर्वे किया था, जिसमें केवल 19 इमारतें खतरनाक पाई गई थीं। हादसे के बाद अब 42 खतरनाक इमारतों की जांच की बारी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बेसमेंट में पानी भरने की पुरानी शिकायतें थीं, जो हादसे की वजह बन सकती हैं।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक बेसमेंट में खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया, जिससे पूरी इमारत गिर गई
रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री दिल्ली
इमारत बनाने में खराब क्वालिटी का सामान इस्तेमाल हुआ था, जिसकी वजह से वह नए निर्माण का दबाव नहीं झेल सकी
प्रवेश वाही, मेयर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हादसे के बाद किसे गिरफ्तार किया गया?
- पुलिस ने प्रॉपर्टी मालिक उर्मिला गुप्ता, उनके पति हरिराम गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
- नगर निगम ने सुरक्षा जांच के लिए क्या कदम उठाए हैं?
- नगर निगम ने सभी जोनों में इमारतों का निरीक्षण शुरू कर दिया है और संबंधित जोन के अतिरिक्त आयुक्त जांच प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
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