17 साल से फरार चरस तस्कर हाजी को अनंतनाग से एएनटीएफ ने पकड़ा
एएनटीएफ ने गोपनीय जांच के बाद राजस्थान और गुजरात तक फैले तस्करी नेटवर्क का किया खुलासा
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने 17 साल से फरार चरस तस्कर शबीर अहमद उर्फ हाजी को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से गिरफ्तार किया है। वह 2009 में दिल्ली से अहमदाबाद जा रही ट्रेन में पकड़ी गई चरस की खेप से जुड़े मामले का मुख्य सूत्रधार था। गिरफ्तारी के लिए एएनटीएफ ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से तीन दिन तक छापेमारी की।
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जयपुर। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने 17 साल से फरार चरस तस्कर शबीर अहमद उर्फ हाजी को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से गिरफ्तार किया है। आईजी विकास कुमार ने बताया कि यह गिरफ्तारी वर्ष 2009 में दिल्ली से अहमदाबाद जा रही ट्रेन में पकड़ी गई बड़ी चरस खेप से जुड़ी जांच के तहत हुई।
तस्करी का नेटवर्क और गिरफ्तारी
साल 2009 में दिल्ली से अहमदाबाद जा रही ट्रेन में चरस की बड़ी खेप पकड़ी गई थी, जिससे कश्मीर से राजस्थान और गुजरात तक फैले नशे के नेटवर्क का खुलासा हुआ। इसके बाद जांच में पता चला कि शबीर अहमद खान, जो सिरोही जिले के आबू रोड थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 09/2009 में मुख्य सूत्रधार था, पुलिस से बचते हुए 17 साल तक लगातार ठिकाने बदलता रहा।
एएनटीएफ की टीम ने अनंतनाग में तीन दिन तक इलाके की रेकी की और बाइक राइडर, मजदूर बनकर आरोपी के बारे में जानकारी जुटाई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश देकर शबीर को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी की पृष्ठभूमि और तस्करी का तरीका
पूछताछ में शबीर ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद चरस की खेती और कारोबार पर पुलिस की सख्ती बढ़ गई थी। वह कम उम्र से चरस के कारोबार में जुड़ा था और बाद में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करते हुए अपने संपर्क बढ़ाता गया।
उसने इलेक्ट्रिशियन कॉन्ट्रैक्टर का ए-क्लास कार्ड बनवाकर राजस्थान समेत अन्य राज्यों में तस्करी का नेटवर्क मजबूत किया। एएनटीएफ ने उसकी कार की आवाजाही पर नजर रखी और संदिग्ध ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी।
जीआरपी जोधपुर में साल 2009 में दर्ज चरस तस्करी के मामले में 17 साल से फरार मुख्य सूत्रधार और 25 हजार के इनामी शबीर अहमद उर्फ हाजी को टीम ने खनाबल (अनंतनाग) से ऑपरेशन विषधरासीम चलाकर पकड़ा है।
विकास कुमार, आईजी एएनटीएफ
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- शबीर अहमद ने चरस की तस्करी कैसे अंजाम दी?
- शबीर ने इलेक्ट्रिशियन कॉन्ट्रैक्टर का ए-क्लास कार्ड बनवाकर राजस्थान समेत अन्य राज्यों में तस्करी का नेटवर्क मजबूत किया और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में संपर्क बढ़ाता रहा।
- क्या इस गिरफ्तारी से जुड़े अन्य जांच या एयर एक्शन की योजना है?
- लेख में इस बारे में जानकारी नहीं दी गई है।
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