राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में भाजपा सबसे आगे
कांग्रेस और निर्दलीय भी मिले, क्षेत्रीय दलों ने भी बढ़ाया दबदबा
राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के चुनाव में भाजपा ने 4179 वार्डों में जीत हासिल कर सबसे आगे रही, जबकि कांग्रेस ने 3613 और निर्दलीयों ने 2273 वार्डों में विजय प्राप्त की। क्षेत्रीय दलों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं, जिसमें राष्ट्रीय लोकदल ने 63, आम आदमी पार्टी ने 42 और माकपा ने 38 सीटें जीती हैं। क्षेत्रीय दलों की बढ़ती ताकत से आगामी चुनावों में उनका प्रभाव बढ़ने की संभावना है।
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जयपुर। राजस्थान में 15 सितंबर को घोषित हुए 309 नगरीय निकाय चुनाव के परिणामों में भाजपा ने 4179 वार्डों में जीत दर्ज की है। कांग्रेस 3613 वार्डों में विजयी रही जबकि निर्दलीयों ने 2273 वार्डों पर कब्जा जमाया। क्षेत्रीय दलों ने भी कई निकायों में अपनी पकड़ बनाई है।
मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच रहा। 10244 वार्डों में भाजपा ने सर्वाधिक 4179 वार्डों में जीत हासिल की है। कांग्रेस ने 3613 वार्डों में जीत दर्ज की। निर्दलीयों ने 2273 वार्डों में सफलता पाई है। कई निकायों में निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका निभा रहे हैं।
क्षेत्रीय दलों ने भी इस चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। आम आदमी पार्टी, बसपा, राष्ट्रीय लोकदल, माकपा, भारत आदिवासी पार्टी और एआईएमआईएम जैसे दलों ने अपने प्रत्याशी उतारे। आम आदमी पार्टी बारां नगर परिषद में बोर्ड बनाने की स्थिति में है, जबकि माकपा बीकानेर के नोखा में बोर्ड बनाने की स्थिति में है। इससे प्रदेश के दो निकायों में क्षेत्रीय दलों के बोर्ड बनना तय है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार क्षेत्रीय दलों में राष्ट्रीय लोकदल ने सर्वाधिक 63 सीटें जीती हैं। आम आदमी पार्टी ने 42, माकपा ने 38, बसपा ने 19 और भारत आदिवासी पार्टी ने 8 सीटें हासिल की हैं।
भारत आदिवासी पार्टी को आदिवासी अंचल में मजबूत माना जा रहा था, जहां पार्टी के तीन विधायक और एक लोकसभा सांसद हैं, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इस पार्टी को सागवाड़ा में 4, डूंगरपुर में 3 और सलूंबर में 1 सीट मिली है।
राजनीतिक विश्लेषक योगेश शर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय दलों की बढ़ती ताकत भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए चिंता का विषय है। आम आदमी पार्टी का बारां नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत लेना दोनों प्रमुख दलों के लिए चुनौती है। क्षेत्रीय दलों की सफलता से उनके हौसले बढ़ेंगे और वे आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्षेत्रीय दलों ने इस चुनाव में क्या भूमिका निभाई?
- क्षेत्रीय दलों ने कई निकायों में अपनी पकड़ बनाई और दो निकायों में बोर्ड बनाना तय है।
- भारत आदिवासी पार्टी को किन क्षेत्रों में सफलता मिली?
- उन्हें सागवाड़ा में 4, डूंगरपुर में 3 और सलूंबर में 1 सीट मिली।
- राजनीतिक विश्लेषकों का क्षेत्रीय दलों की सफलता पर क्या विचार है?
- योगेश शर्मा के अनुसार क्षेत्रीय दलों की बढ़ती ताकत भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए चिंता का विषय है।
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