खानपुर निकाय चुनाव में 71 प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार
खानपुर निकाय चुनाव में 25 वार्डों में 71 प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार, 5 ने नाम वापस लिया। बयाना नगरपालिका में 156 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान 11 सितंबर को होगा।
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खानपुर निकाय चुनाव में 25 वार्डों में 71 प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार, 5 ने नाम वापस लिया। बयाना नगरपालिका में 156 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान 11 सितंबर को होगा।
झुंझुनूं निकाय चुनाव में कई वार्डों में एक जैसे नाम वाले प्रत्याशी आमने-सामने हैं। सूरजगढ़ के वार्ड में तीन राकेश निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। मतदाताओं को नाम और चुनाव चिह
अलवर में भाजपा ने राजस्थान निकाय चुनाव में तीन चौथाई से अधिक बोर्ड बनाने का दावा किया। मुख्यमंत्री के विकास वादों को लेकर पार्टी जनता से जवाब मांगेगी।
बाड़मेर में वार्ड 43 के आरएलपी प्रत्याशी के नामांकन वापसी के बाद भाजपा और आरएलपी कार्यकर्ताओं के बीच एसडीएम कार्यालय के बाहर झड़प हुई। पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में ली।
चूरू वार्ड 11 से कांग्रेस प्रत्याशी संजय भाटी ने निकाय चुनाव के लिए 10.65 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति घोषित की है, जिसमें व्यावसायिक और कृषि भूमि शामिल है।
राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में नाम वापसी का आज आखिरी दिन है। दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं। अंतिम सूची आज शाम जारी होगी। चुनाव प्रचार के लिए 7 दिन बचे हैं।
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव में नाम वापसी का अंतिम दिन 3 सितंबर को है। पहले दिन 218 से अधिक उम्मीदवारों ने चुनाव से नाम वापस लिया। जयपुर के 19 निकायों में 3,365 उम्मीदवारों में
जयपुर समेत कई जिलों में कांग्रेस के टिकट वितरण और प्रत्याशी बदलाव को लेकर विवाद बढ़ा है। प्रदेश नेतृत्व ने प्रभारियों से रिपोर्ट तलब की है।
जालोर में निकाय चुनाव के लिए 555 वार्डों में 3,139 उम्मीदवारों ने नामांकन भरे। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 3 सितंबर दोपहर 3 बजे है। कोटा नगर निगम में 121 नामांकन खारिज।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बानसूर नगरपालिका में 79 नामांकन फॉर्म रद्द, 282 प्रत्याशी मैदान में हैं। वार्ड 32 के प्रत्याशी बुद्धाराम गढ़वाल 1 सितंबर शाम से लापता हैं, पुलिस तलाश में जु
ब्यावर नगर परिषद चुनाव-2026 में विधायक शंकरसिंह रावत की समझाइश पर 14 बागी उम्मीदवारों ने नामांकन वापस लेकर पार्टी प्रत्याशियों का समर्थन किया।
राजस्थान निकाय चुनाव से पहले सवर्ण समाज की नाराजगी भाजपा और कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बनी है। टिकट वितरण में ब्राह्मण समाज की उपेक्षा और यूजीसी एक्ट को लेकर विरोध तेज हुआ है।