भाजपा ने निकाय चुनाव में तीन चौथाई से अधिक बोर्ड बनाने का दावा किया
प्रदेश में निकाय चुनाव के अंतिम चरण में भाजपा ने विकास वादों को लेकर जनता से जवाब मांगा
राजस्थान में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही निकाय चुनाव में अपनी जीत की संभावना जता रही हैं, लेकिन भाजपा का दावा है कि वह तीन चौथाई से अधिक निकायों में बोर्ड बनाएगी। चुनाव में कुछ प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। दोनों दलों के नेता बागियों को मनाने की कोशिश में लगे हैं।
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अलवर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा ने पांच साल के विकास वादों को जनता के सामने रखा है और पार्टी इन वादों का जवाब देगी।
भाजपा प्रदेश प्रभारी राधामोहन अग्रवाल ने अलवर स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से कहा कि भाजपा ने जन संकल्प पत्र के माध्यम से जनता से विकास के वादे किए हैं।
उन्होंने भाजपा के संकल्प पत्र की घोषणा से कांग्रेस को सांप सूंघने की बात कही।
प्रदेश में गत दो साल से निकाय चुनाव नहीं हो पाए थे, जिससे पार्षद नगर निकायों तक नहीं पहुंच पा रहे थे। अब चुनाव हो रहे हैं और निकायों में भाजपा के बोर्ड बनने की संभावना है। भाजपा के विकास कार्यों के दम पर पुनः सरकार बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
राजस्थान के 20 जिलों में निकाय चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बुधवार को 309 निकायों में 218 से अधिक प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस लिए। दोनों दलों के नेता बागियों को मनाने में लगे हैं।
टिकट वितरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने कई दौर की बैठकें कीं, लेकिन करीब 200 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हो गए। कांग्रेस को भाजपा की तुलना में अधिक नुकसान हुआ है। अजमेर, पाली, दौसा, करौली, हनुमानगढ़ सहित कई जिलों में नामांकन निरस्त होने से चुनावी समीकरण बदल गए हैं।
अलवर में कांग्रेस के प्रत्याशी हेमंत कुमार का नामांकन आपराधिक रिकॉर्ड के कारण खारिज हुआ है, जबकि भाजपा की पूर्व कार्यवाहक सभापति शकुंतला सोनी का नामांकन भी निरस्त हुआ। इससे प्रत्याशियों के दस्तावेजों और कानूनी पात्रता की जांच पर सवाल उठे हैं।
अजमेर में कांग्रेस के ब्लॉक प्रवक्ता ब्रजकिशोर जोशी और उनके बेटे यश जोशी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली है। यश ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भरा नामांकन वापस ले लिया है।
निकाय चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही नगर परिषदों में अपना बोर्ड बनने का दावा कर रही हैं। भाजपा के जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि कोटा में इस बार भाजपा का मेयर बनेगा। उन्होंने बताया कि जिन कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों को पार्टी का टिकट नहीं मिला, उनमें से अधिकांश ने नामांकन वापस ले लिया। उन्होंने कहा, "नारेबाजी और पुतले जलाना कांग्रेस का काम है भाजपा का नहीं।"
भाजपा के चन्द्रशेखर बावनकुले ने कहा कि आने वाले पांच सालों में भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करेगी।
राजस्थान में निकाय चुनाव के अंतिम चरण में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं और दोनों दलों के बीच मुकाबला कड़ा है।
निकाय चुनाव में इस बार भाजपा राजस्थान की तीन चौथाई से ज्यादा निकायों में अपना बोर्ड बनाएगी।
राधामोहन अग्रवाल, प्रदेश प्रभारी
हम जो कहते हैं, वह करते हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर राजस्थान को विकास के पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं।
प्रदेशाध्यक्ष
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