कांग्रेस में टिकट विवाद से सियासी घमासान तेज
जयपुर समेत कई जिलों में टिकट वितरण और प्रत्याशी बदलाव को लेकर नाराजगी
राजस्थान के निकाय चुनाव में कांग्रेस के भीतर टिकट वितरण को लेकर उठे विवादों ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। जयपुर, कोटा और भीलवाड़ा जैसे जिलों में टिकट गड़बड़ियों और प्रत्याशी बदलने की शिकायतें आई हैं, जिन पर प्रभारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। पार्टी की आंतरिक खींचतान और आरोप-प्रत्यारोप ने चुनावी तैयारियों को जटिल बना दिया है।
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जयपुर। राजस्थान के निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर विवाद बढ़ गया है। जयपुर, कोटा और भीलवाड़ा जैसे जिलों में टिकट न मिलने, सिंबल जमा न कराने और अंतिम समय में प्रत्याशी बदलने की शिकायतें सामने आई हैं। प्रदेश नेतृत्व ने इन मामलों पर प्रभारियों से रिपोर्ट तलब की है।
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने टिकट वितरण और प्रत्याशी नामांकन से जुड़ी गड़बड़ियों को गंभीरता से लिया है। खासतौर से भीलवाड़ा में 70 वार्डों में से 17 वार्डों में सिंबल जमा नहीं कराने का मामला पार्टी के लिए चिंता का विषय बन गया है। इसके कारण अब केवल 53 वार्डों में कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं।
जयपुर, सांचौर और कोटा सहित कई जिलों में अंतिम समय में प्रत्याशी नाम बदलने की शिकायतें मिली हैं। इसके अलावा टिकटों के बदले लेनदेन की भी गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने विवाद वाले जिलों के प्रभारियों से तथ्यों सहित रिपोर्ट जल्द सौंपने को कहा है। प्रभारियों को दो-तीन दिन के भीतर लिखित रिपोर्ट देना अनिवार्य है।
कांग्रेस के लिए निकाय चुनाव में जीत हासिल करना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी अपनी वापसी की कोशिश कर रही है। इसके लिए टिकट वितरण में कई नवाचार किए गए, लेकिन फिर भी कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान ने माहौल को और जटिल बना दिया है।
बीकानेर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ हुई मारपीट के बाद वायरल हुए ऑडियो में प्रदेश अध्यक्ष गहलोत ने जिलाध्यक्ष पर टिकट चोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाध्यक्ष को 'चोर' तक कहा और इस बात को खुलेआम कहने की बात कही। बातचीत में देहात कांग्रेस अध्यक्ष पर भी आरोप लगाए गए हैं। प्रदेश नेतृत्व इस मामले को लेकर चिंतित है और चुनावी समीकरण पर इसके प्रभाव को देख रहा है।
पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला से जुड़ा वीडियो और पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत का वायरल ऑडियो कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में उथल-पुथल का संकेत हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप ने कांग्रेस की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि प्रदेश नेतृत्व इन विवादों को किस तरह संभालता है और क्या कार्रवाई करता है।
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