देशभर के कुंवारे जयपुर पहुंचे मोतीडूंगरी गणेशजी के मेहंदी उत्सव में
सोशल मीडिया रीलों के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी, 3500 किलो मेहंदी वितरित
जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर मेहंदी उत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें देशभर से कुंवारे युवक-युवतियां शादी की मान्यता के लिए पहुंचे। मंदिर के बाहर बड़ी भीड़ जमा हुई और श्रद्धालुओं ने मेहंदी लगवाने के लिए लंबी कतारों में कई घंटे प्रतीक्षा की। स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ाई से लागू की और मेहंदी करीब 3500 किलो मंगवाई गई थी।
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जयपुर के मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर मेहंदी उत्सव का आयोजन हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल रीलों के कारण देशभर से कुंवारे युवक-युवतियां शादी की मान्यता के लिए यहां पहुंचे। मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ रात से जुटनी शुरू हो गई थी।
मंदिर में मेहंदी लगाने के लिए श्रद्धालु छह से सात घंटे कतार में खड़े रहे। तेज धूप और उमस के बावजूद श्रद्धालु धैर्य से इंतजार करते रहे। शाम सात बजे मेहंदी खत्म होने की घोषणा करनी पड़ी, जबकि सिंजारा पूजन के बाद मेहंदी वितरण शाम पांच बजे शुरू कर दिया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई लोग रात में ही मंदिर के बाहर आकर सो गए थे। मंदिर प्रबंधन ने सोजत से करीब 3500 किलो मेहंदी मंगवाई थी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से बल तैनात किया था और भीड़ बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
आए दीपक ने कहा, "यहां की मेहंदी लगाने से शादी हो जाती है।" राधेश्याम और शैफाली ने बताया कि उन्होंने यहां की मेहंदी लेने वाले युवाओं की शादी होते भी देखी है, इसलिए वे मेहंदी लेने आए हैं।
स्थानीय निवासी रोशन शर्मा ने कहा कि उन्होंने पिछले 40 साल में इतनी भीड़ नहीं देखी। महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि दो शताब्दी पहले महज सवा किलो मेहंदी से शुरू हुआ यह उत्सव अब देशभर में मेहंदी उत्सव के रूप में प्रसिद्ध हो गया है।
श्रद्धालु शांतिपूर्वक कतार में लगकर गणेशजी के दर्शन कर रहे हैं। जेएलएन मार्ग तक श्रद्धालुओं की कतारें नजर आईं। महाराष्ट्र से आई एक महिला तेज गर्मी से बेहोश हो गई। इंदौर से राधिका शर्मा अपने बेटे के लिए मेहंदी लेने आई हैं। कई युवक अपने लिए तो माता-पिता बच्चों के लिए मेहंदी लेने पहुंचे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- मेहंदी उत्सव कब और कैसे शुरू हुआ?
- यह उत्सव लगभग दो शताब्दी पहले महज सवा किलो मेहंदी से शुरू हुआ था।
- मंदिर में कितने घंटे तक मेहंदी वितरण चलता रहा?
- मेहंदी वितरण शाम पांच बजे शुरू होकर शाम सात बजे खत्म होने की घोषणा हुई।
- क्यों लोग देश के विभिन्न हिस्सों से मेहंदी लेने आते हैं?
- कई युवाओं ने यहां की मेहंदी लगाने से शादी होने की मान्यता और सफलता देखी है।
- क्या मेहंदी उत्सव के दौरान कोई स्वास्थ्य घटना हुई?
- महाराष्ट्र से आई एक महिला तेज गर्मी के कारण बेहोश हो गई।
- मंदिर प्रबंधन ने भीड़ प्रबंधन के लिए क्या किया?
- मंदिर प्रबंधन ने पहले से पुलिस बल तैनात किया और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पुलिस बुलाई।
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