लालबागचा राजा की पहली झलक से भक्त हुए मंत्रमुग्ध
14 से 25 सितंबर तक मुंबई में मनाया जाएगा 93वां गणेशोत्सव
मुंबई में 14 से 25 सितंबर तक 93वाँ लालबागचा राजा गणेशोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें लालबागचा राजा की मूर्ति मुख्य आकर्षण होगी। इस बार भी भक्त गणपति बप्पा के दर्शन के लिए उत्सुक हैं और मुंबई सहित महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होंगे।
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मुंबई में 14 सितंबर से 25 सितंबर तक 93वां लालबागचा राजा गणेशोत्सव मनाया जाएगा। इस बार भी लालबागचा राजा की भव्य मूर्ति भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी है। भक्त गणपति बप्पा के दर्शन के लिए उत्सुक हैं।
लालबागचा राजा की मूर्ति शहर की सबसे प्रतिष्ठित गणेश मूर्तियों में से एक है। यह मूर्ति शांत, दयालु और प्रेममय रूप में सिंहासन पर विराजमान है। इस पूजा स्थल की स्थापना 1934 में हुई थी और तब से यह मुंबई के गणेश चतुर्थी उत्सव का अभिन्न हिस्सा बन गया है। पिछले आठ दशकों से कांबली परिवार इस मूर्ति की देखभाल कर रहा है।
गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास की चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक दस दिन तक चलने वाला त्योहार है। इसे विनायक चतुर्थी या विनायक चवथी भी कहा जाता है। यह त्योहार भगवान गणेश को नए आरंभ के देवता, बाधाओं को दूर करने वाले तथा ज्ञान और बुद्धिमत्ता के देवता के रूप में मनाया जाता है।
मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में यह उत्सव बड़े उत्साह से मनाया जाता है। लाखों भक्त विभिन्न मंडलों में पहुंचकर भगवान गणेश का आशीर्वाद लेते हैं। लोग घरों में गणेश मूर्ति स्थापित करते हैं, व्रत रखते हैं, पारंपरिक व्यंजन बनाते हैं और पंडालों में पूजा-अर्चना करते हैं।
इस साल भी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में भक्त लालबागचा राजा के दर्शन के लिए आने की उम्मीद है। भक्त गणपति बप्पा के भव्य रूप की पहली झलक देखकर उत्साह से भर गए हैं और अब उनके साक्षात दर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- लालबागचा राजा मूर्ति किस प्रकार दिखती है?
- मूर्ति शांत, दयालु और प्रेममय रूप में सिंहासन पर विराजमान होती है।
- गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है?
- यह त्यौहार गणेश को नए आरंभ, बाधा निवारण तथा बुद्धिमत्ता के देवता के रूप में मानता है।
- लालबागचा राजा गणेशोत्सव की स्थापना कब हुई थी?
- इस पूजा स्थल की स्थापना 1934 में हुई थी और तब से यह उत्सव का अभिन्न हिस्सा है।
- भक्त गणेशोत्सव में क्या करते हैं?
- भक्त मूर्ति स्थापित करते हैं, व्रत रखते हैं, पारंपरिक व्यंजन बनाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।
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