पांच दिवसीय बैंकिंग लागू न होने से 50 हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित
28 से 30 सितंबर तीन दिवसीय हड़ताल, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
मार्च 2024 में पांच दिवसीय बैंकिंग लागू करने के समझौते के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया है, जिससे 29 हजार बैंककर्मियों की हड़ताल से 50 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। हड़ताल के कारण सरकारी बैंक शाखाओं में जमा-निकासी, ऋण और अन्य सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि डिजिटल बैंकिंग सेवा प्रभावित नहीं हुई। यूनियनों ने प्रोत्साहन भत्ते व्यवस्था में बदलाव से पहले वार्ता की मांग की है और आगे भी हड़ताल की चेतावनी दी है।
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नोएडा। मार्च 2024 में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के समझौते के बावजूद इसे लागू नहीं किया गया है। इस कारण 29 हजार बैंककर्मियों की हड़ताल से राज्य में 50 हजार करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
इस हड़ताल में सरकारी बैंकों की करीब चार हजार शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बैंक शाखाओं में जमा-निकासी, ऋण संबंधी कार्य, चेक क्लीयरेंस, खाता खोलने और केवाइसी जैसी जरूरी सेवाएं प्रभावित रहीं। बैंक पहुंचने वाले ग्राहकों को बिना काम कराए लौटना पड़ा।
डिजिटल बैंकिंग, यूपीआइ और मोबाइल बैंकिंग जैसी सेवाएं उपलब्ध रहने के कारण ऑनलाइन लेन-देन करने वाले ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम परेशानी हुई, लेकिन नकद निकासी और शाखा से जुड़े जरूरी काम के लिए ग्राहकों को हड़ताल खत्म होने का इंतजार करना पड़ा।
यूनियनों ने मौजूदा प्रोत्साहन भत्ते व्यवस्था में बदलाव से पहले द्विपक्षीय वार्ता की भी मांग की है।
बिहार ग्रामीण बैंक में भी हड़ताल का व्यापक असर रहा, जहां सभी 26 क्षेत्रीय कार्यालयों, प्रधान कार्यालय और शाखाओं में पूर्ण तालाबंदी रही। बैंककर्मियों ने एक दिन का वेतन कटने की बात भी कही।
यूनीटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया है। इसके बाद 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।
इंदौर में शुक्रवार को बैंक हड़ताल के कारण जिले की 848 में से करीब 652 बैंक शाखाएं बंद रहीं, जिससे करोड़ों रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। बैंककर्मी सुबह घरों से निकलकर प्रदर्शन स्थल पर जमा हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां भी शामिल हुईं।
राजवाड़ा क्षेत्र में प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक प्रभावित हुआ। कैनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन ने भी बैंक ऑफ इंडिया के दफ्तर परिसर में प्रदर्शन किया।
बैंकर्स ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था अब और टाली नहीं जा सकती।
मुंबई में बैंकिंग कामकाज ज्यादातर सामान्य रहा, जबकि महाराष्ट्र में बैंकिंग कामकाज लगभग पूरी तरह ठप रहा। चेक से जुड़े काम और बैंक की अन्य प्रत्यक्ष सेवाएं प्रभावित रहीं।
मार्च 2024 में पांच दिवसीय कार्य दिवस के नियमों पर हस्ताक्षर हो चुके हैं
रॉबिन सिंह, सचिव
सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने तथा सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को समान रूप से पीएलआई का भुगतान करने की मांग के कारण यह हड़ताल का आयोजन किया गया है
अभिषेक कुमार अखौरी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- हड़ताल के दौरान किन सेवाओं पर ज्यादा प्रभाव पड़ा?
- हड़ताल में जमा-निकासी, ऋण कार्य, चेक क्लीयरेंस, खाता खोलना और केवाइसी जैसी सेवाएं प्रभावित रहीं।
- डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का हड़ताल पर क्या प्रभाव पड़ा?
- डिजिटल बैंकिंग, यूपीआइ और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध रहीं, इसलिए ऑनलाइन लेन-देन करने वालों को कम परेशानी हुई।
- बिहार ग्रामीण बैंक में हड़ताल का क्या असर था?
- बिहार ग्रामीण बैंक के सभी 26 क्षेत्रीय कार्यालय, प्रधान कार्यालय और शाखाएं पूरी तरह बंद रहीं और बैंककर्मियों ने एक दिन का वेतन कटने की बात कही।
- बैंक कर्मियों की मुख्य मांग क्या है?
- सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को समान पीएलआई का भुगतान और पांच दिवसीय कार्यदिवस लागू करने की मांग है।
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