गणेश चतुर्थी पर घर लाएं बप्पा की शुभ मूर्ति, रखें ये बातें
भगवान गणेश की प्रतिमा खरीदते समय सूंड, रंग और मुद्रा का रखें ध्यान
14 सितंबर 2026 से पूरे देश में दस दिनों तक गणेश उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें भक्त गणपति की मूर्ति विधिपूर्वक घर लाते हैं और पूजा करते हैं। मूर्ति खरीदते समय सूंड की दिशा, मुद्रा और रंग जैसे धार्मिक मान्यताओं पर ध्यान देना आवश्यक माना जाता है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
14 सितंबर 2026 से पूरे देश में दस दिन तक गणेश उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान भक्त विधि-विधान से गणपति की मूर्ति घर लाते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश का जन्म हुआ था। गणेश चतुर्थी के दिन भक्तगण विधिपूर्वक बप्पा की मूर्ति को अपने घर लाते हैं, जिससे सुख-समृद्धि का वास होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
गणपति उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है, जो पूरे दस दिनों तक चलता है। खासतौर पर महाराष्ट्र में इस उत्सव की धूम देखने को मिलती है। इस दौरान गौरी नंदन की पूजा-अर्चना के साथ उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग लगाया जाता है।
मूर्ति खरीदते समय सूंड की दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ज्योतिषों के अनुसार घर के लिए वह मूर्ति शुभ मानी जाती है, जिसमें गणेश जी की सूंड बाएं तरफ हो। इसके अलावा, जिन मूर्तियों की सूंड सीधी हो, उन्हें भी घर में स्थापित किया जा सकता है।
मूर्ति में गणेश जी को मूषक पर सवार दिखाना चाहिए और हाथ में मोदक होना आवश्यक है। ऐसी मूर्ति घर लाने से करियर में तरक्की मिलती है। रंग के चयन में सिंदूर या लाल रंग की मूर्ति उन्नति और सफलता का प्रतीक मानी जाती है। वहीं, सफेद रंग की मूर्ति शांति, ज्ञान और आर्थिक समृद्धि लाती है।
मूर्ति की मुद्रा भी महत्वपूर्ण है। घर में हमेशा बैठे हुए गणेश जी की मूर्ति रखनी चाहिए, क्योंकि यह स्थायी सुख-समृद्धि का प्रतीक होती है।
यह जानकारी धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- गणपति उत्सव का समापन कब होता है?
- गणपति उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है, जो दस दिनों बाद आता है।
- मूर्ति के रंगों के क्या विशेष अर्थ हैं?
- सफेद रंग की मूर्ति शांति, ज्ञान और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक होती है।
- गणेश जी की मूर्ति की मुद्रा कैसी होनी चाहिए?
- घर में हमेशा बैठे हुए गणेश जी की मूर्ति रखनी चाहिए क्योंकि यह स्थायी सुख-समृद्धि का प्रतीक होती है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद










Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.