पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, सरकार से बनी सहमति
मुख्य सचिव के साथ बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल वापस ली
पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने सरकार के मुख्य सचिव के साथ बैठक के बाद अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है। सरकार ने हड़ताल को अनधिकृत अवकाश घोषित करने वाले आदेश वापस लेने का वादा किया है और कर्मचारियों की लंबित मांगों पर आगे बातचीत जारी रखी जाएगी।
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पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और सरकार के बीच लंबे समय से चल रहे टकराव के बाद बुधवार को हड़ताल समाप्त हो गई। मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की कई लंबित मांगों पर सहमति बनी और सरकार ने हड़ताल को अनधिकृत अवकाश घोषित करने वाले आदेश को वापस लेने का वायदा किया।
सरकारी कर्मचारियों ने 27 अगस्त को जारी आदेश को वापस लेने की मांग की थी, जिसमें उनकी हड़ताल को 'अनधिकृत अवकाश' माना गया था। कर्मचारी संगठन नेता ने बताया कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
पंजाब सिविल सचिवालय, निदेशालयों और विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा था। सरकार ने 'नो वर्क नो पे' नीति लागू करते हुए ड्यूटी से अनधिकृत अनुपस्थिति पर वेतन रोकने और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कई कर्मचारी कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद काम के दौरान अनुपस्थित पाए जाते थे, जिसे सरकार ने अनधिकृत अनुपस्थिति माना।
सरकार ने 2,500 कर्मचारियों को नोटिस भी जारी किए थे। कर्मचारी आंदोलन की मांगों में महंगाई भत्ता, एरियर, पुरानी पेंशन योजना, अस्थायी कर्मियों का नियमितीकरण और वेतन विसंगतियों का समाधान शामिल था।
सरकार ने बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू की है, जिससे कर्मचारियों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस व्यवस्था से समयपालन और जवाबदेही बढ़ाने का लक्ष्य है। बिना इजाजत कार्यालय से अनुपस्थित रहने पर वेतन कटौती और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव के साथ बैठक के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने का औपचारिक एलान किया। सरकार ने हड़ताल को अनधिकृत अवकाश घोषित करने वाले दोनों पत्र वापस लेने पर सहमति जताई। अब कर्मचारियों की लंबित मांगों पर आगे बातचीत जारी रहेगी।
मुख्य सचिव की ओर से किए गए वायदे के मुताबिक 27 अगस्त को गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जारी पत्र को वापस लेना होगा
खैहरा, कर्मचारी संगठन नेता
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सरकारी कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या थीं?
- मांगों में महंगाई भत्ता, एरियर, पुरानी पेंशन योजना, अस्थायी कर्मियों का नियमितीकरण और वेतन विसंगतियों का समाधान शामिल था।
- बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली क्यों लागू की गई?
- इस प्रणाली से कर्मचारियों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा और समयपालन व जवाबदेही बढ़ेगी।
- क्या हड़ताल खत्म होने के बाद बातचीत जारी रहेगी?
- हाँ, कर्मचारियों की लंबित मांगों पर आगे बातचीत जारी रखने का फैसला किया गया है।
- सरकार ने हड़ताल को अनधिकृत अवकाश घोषित करने वाले आदेश कब जारी किए थे?
- सरकार ने यह आदेश 27 अगस्त को जारी किए थे।
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