पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला किया
लंबित महंगाई भत्ते और नोटिस वापस लेने की मांग को लेकर सरकार-कर्मचारी टकराव जारी
पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने लंबित महंगाई भत्ते और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की मांग को लेकर आठ सितंबर को सामूहिक अवकाश पर रहने का फैसला किया है। कर्मचारी संगठन और सरकार के बीच विवाद जारी है, जबकि सरकार ने हड़ताल पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने लंबित महंगाई भत्ते और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की मांग को लेकर आठ सितंबर को सामूहिक अवकाश पर रहने का फैसला किया है। कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच इस मुद्दे पर तनाव बढ़ गया है और उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा ने हड़ताल पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सरकारी कर्मचारियों ने 27 अगस्त को तीन लाख से अधिक संख्या में हड़ताल की थी। इसके बाद सरकार ने अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए। कर्मचारी संगठन इन नोटिसों को वापस लेने और लंबित महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। मनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन और अन्य संगठनों ने सामूहिक अवकाश लेकर विरोध जताया है।
सरकार ने सात सितंबर तक नोटिस वापस लेने का समय दिया था, लेकिन जब यह नहीं हुआ तो आठ सितंबर को कर्मचारियों ने मास कैजुअल लीव पर जाने का ऐलान किया। उन्होंने कर्मचारियों से राजनीतिक प्रभाव से दूर रहकर उचित मंच पर अपनी मांगें रखने का आग्रह किया।
सरकार ने बताया कि 17 जुलाई 2020 के बाद नियुक्त करीब 85 हजार कर्मचारियों के लिए डीए को 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है, जो सातवें वेतन आयोग के केंद्रीय पैटर्न के अनुरूप है। हालांकि, इससे पहले नियुक्त कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा, जो कर्मचारी संगठनों के असंतोष का कारण है।
कर्मचारी संगठनों ने लंबित 18 प्रतिशत डीए समेत अन्य बकाया मांगों को लेकर पहले भी राज्यव्यापी आंदोलन किए हैं। डीए और डीआर के बकाये का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जबकि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को भुगतान का निर्देश दिया था। सरकार ने वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
कर्मचारी नेता खैहरा ने बताया कि मनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन और अन्य संगठनों ने लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान करने और हड़ताल में शामिल कर्मचारियों को जारी नोटिस वापस लेने की मांग की थी।
आज पंजाब और चंडीगढ़ के सभी सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी कामकाज ठप रखेंगे और सांकेतिक भूख हड़ताल भी करेंगे। सभी जिलों के डीसी कार्यालयों, निदेशालयों और सचिवालय स्तर पर प्रदर्शन होगा। एक दिन की हड़ताल के बाद संयुक्त कार्रवाई कमेटी आगामी रणनीति तय करेगी, जिसमें विधायकों और मंत्रियों के आवास घेरने की योजना भी शामिल है।
सार्वजनिक सेवाओं में बाधा पहुंचने की स्थिति में सरकार कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी।
अमन अरोड़ा, उद्योग मंत्री
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- सरकार ने डीए बढ़ाने का क्या फैसला किया है?
- सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए डीए को 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया है, जो केंद्र के सातवें वेतन आयोग के पैटर्न के अनुरूप है।
- सरकार ने नोटिस वापस करने के लिए क्या समय दिया था?
- सरकार ने सात सितंबर तक कारण बताओ नोटिस वापस करने का समय दिया था, जो पूरा नहीं हुआ।
- सामूहिक अवकाश के दौरान क्या प्रदर्शन होगा?
- 8 सितंबर को सभी जिलों में डीसी कार्यालयों, निदेशालयों और सचिवालय स्तर पर प्रदर्शन एवं सांकेतिक भूख हड़ताल होगी।
- सरकार की प्रतिक्रिया क्या है हड़ताल पर?
- उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा ने हड़ताल पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है और सार्वजनिक सेवा बाधित होने पर कार्रवाई करने का इरादा जताया है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद










Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.