उत्तर प्रदेश के गांवों के उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय बाजार
प्रयागराज समेत पांच जिलों में एग्रीगेशन सेंटर खोलने की तैयारी, महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी
उत्तर प्रदेश के पांच जिलों में एग्रीगेशन सेंटर खोलकर ग्रामीण क्षेत्रों में बने महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय बाजारों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित ये केंद्र उत्पादों की गुणवत्ता जांच और मानकीकरण कर बिक्री बढ़ाने में सहायता करेंगे। इससे महिला उद्यमियों की आमदनी बढ़ने की संभावना है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
उत्तर प्रदेश के गांवों में बने उत्पाद अब राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय बाजारों तक पहुंचेंगे। इसके लिए प्रयागराज समेत पांच जिलों में एग्रीगेशन सेंटर खोलने की योजना बनाई जा रही है। इससे गांव की महिलाओं के उत्पादों की बिक्री ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बढ़ेगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जनपद स्तर पर चिन्हित संकुल स्तरीय संघ इन एग्रीगेशन सेंटरों का संचालन करेंगे। महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को इन केंद्रों में एकत्र कर उनकी गुणवत्ता का परीक्षण और मानकीकरण किया जाएगा। इसके बाद उत्पादों को देश के विभिन्न प्रदेशों और शहरों तक पहुंचाया जाएगा।
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने मुख्य विकास अधिकारी को एग्रीगेशन सेंटर के लिए स्थल चयन और संकुल स्तरीय संघ के चयन के निर्देश दिए हैं। बिजनौर में आकाशदीप संकुल स्तरीय संघ ने प्रदेश का पहला एग्रीगेशन सेंटर शुरू कर दिया है।
जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 26 हजार समूहों से करीब तीन लाख महिलाएं जुड़ी हैं। ये महिलाएं मूंज से बने घरेलू साज-सज्जा के सामान, साबुन, डिटर्जेंट पाउडर, अचार, घी, खिलौने और रेडीमेड कपड़ों के छोटे कारखाने चला रही हैं। अब तक इनके उत्पाद शहर, कस्बों और गांवों की सीमित बाजार तक ही पहुंच पाते थे।
एग्रीगेशन सेंटरों के संचालन से इन उत्पादों की पहुंच का दायरा बढ़ेगा और महिलाओं की आमदनी में भी वृद्धि होगी। एनआरएलएम के संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद ने अन्य जिलों से भी एग्रीगेशन सेंटर के लिए प्रस्ताव मांगे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- एग्रीगेशन सेंटरों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- सेंटरों में उत्पादों का गुणवत्ता परीक्षण और मानकीकरण किया जाएगा जिससे उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सके।
- उत्पाद किस प्रकार की सामग्री से बनाए जाते हैं?
- महिलाएं मूंज से बने घरेलू सामान, साबुन, डिटर्जेंट पाउडर, अचार, घी, खिलौने और रेडीमेड कपड़े बनाती हैं।
- महिलाओं की आमदनी पर इसका क्या प्रभाव होगा?
- सेंटरों के संचालन से उत्पादों की पहुंच का दायरा बढ़ेगा, जिससे महिलाओं की आमदनी में वृद्धि होगी।
- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की क्या भूमिका है?
- यह मिशन जनपद स्तर पर संघों के माध्यम से एग्रीगेशन सेंटरों का संचालन सुनिश्चित करता है।
AI-निर्मित · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद









Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.