बिजनौर जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था
अस्पताल में अलग ओपीडी, आइसोलेशन वार्ड और दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध
बिजनौर जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए अलग काउंटर, आइसोलेशन वार्ड और जांच एवं उपचार की विशेष व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण रोकने के लिए अस्पताल में अलग रास्ते तय किए हैं और गंभीर मरीजों के लिए ऑक्सीजन एवं वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध कराई है। साथ ही, हसनगंज क्षेत्र में स्वाइन फ्लू के मामलों की जांच कर जागरूकता अभियान चलाया गया है।
AI-निर्मित सार · पूरी ख़बर से पुष्टि करें
बहादुरगढ़। बिजनौर में स्वाइन फ्लू और बुखार के बढ़ते मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा और संक्रमण रोकने के लिए अलग काउंटर, रास्ता और आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं।
जिला अस्पताल में फ्लू और स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से उपचार और जांच की व्यवस्था की गई है। मरीजों का पर्चा बनाया जाएगा और आवश्यक जांच के बाद दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। पर्चा बनवाने के बाद मरीजों को पहली मंजिल पर कमरा नंबर 113 में भेजा जाएगा, जहां डॉक्टर बुखार और स्वाइन फ्लू के मरीजों की जांच करेंगे।
अस्पताल में सामान्य मरीजों और फ्लू के मरीजों के लिए अलग-अलग आने-जाने के रास्ते निर्धारित किए गए हैं ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। गंभीर स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं, जिनमें पांच-पांच बेड आरक्षित हैं। इन वार्डों में ऑक्सीजन, दवाइयां, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था की गई है।
अस्पताल में वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध हैं। गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में तत्काल जांच और आवश्यक दवा दी जाएगी, जरूरत पड़ने पर उन्हें आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। बच्चों के लिए सिरप, स्वाइन फ्लू की टैबलेट और वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
ओपीडी में प्रतिदिन करीब 300 से 400 मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि मरीजों की संख्या को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखी गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के डॉ. बीआर त्यागी ने बताया, "नई बिल्डिंग में फ्लू के मरीजों के लिए अलग काउंटर बनाया गया है" और "अस्पताल में स्वाइन फ्लू से संबंधित दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है"।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हसनगंज क्षेत्र के अहमदपुर बादे गांव में स्वाइन फ्लू के मरीज मिलने पर जांच की। अधीक्षक डॉ. नितिन ने कहा, "स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव गई थी"। टीम ने 50 घरों में जाकर लोगों की सर्दी, जुकाम और बुखार के लक्षणों की जांच की और संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक किया।
स्वाइन फ्लू में अचानक बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो रही है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है।
एच1एन1 संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैलता है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढंकना, हाथों की सफाई करना और फ्लू के लक्षण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। चिकित्सकों की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेने से बचना चाहिए।
मौसम में बदलाव के साथ स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन सतर्क हो गया है। बहादुरगढ़ में फिलहाल स्वाइन फ्लू का कोई मरीज सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर अस्पताल में संभावित मरीजों के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था की गई है।
50 free articles left today
0 of 50 free reads used today.
पाठकों की पसंद






Comments
0 threadsNo approved comments yet. Start the discussion.