नौगढ़ में किसान पंचायत ने वनाधिकार कानून लागू करने की मांग की
वन क्षेत्र के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा और बुलडोजर रोकने की अपील
नौगढ़ के तेंदुआ गांव में अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा किसान पंचायत आयोजित कर वनाधिकार कानून लागू करने और वन क्षेत्र के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। पंचायत में अनुसूचित जनजाति दर्जा देने, विस्थापित किसानों की जमीन पर नाम दर्ज करने, जबरिया भूमि अधिग्रहण रोकने और महंगाई नियंत्रण जैसे विषय भी उठाए गए।
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नौगढ़। नौगढ़ के तेंदुआ गांव में रविवार को अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से किसान पंचायत आयोजित की गई। इसमें वनाधिकार कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने और वन क्षेत्र में बसे मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई। पंचायत में बुलडोजर से घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाने पर रोक लगाने की भी अपील की गई।
पंचायत में तीन पीढ़ी यानी 75 वर्ष से अधिक समय से वन क्षेत्र में बसे लोगों के अधिकारों को मान्यता देने और उनके वनाधिकार दावों का निस्तारण करने की बात कही गई। वक्ताओं ने कोल, पनिका, चेरो, मांझी जैसे समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की भी मांग की।
भरदुआ के दलित किसानों और महिलाओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने, विजयपुर-बिजौरा से विस्थापित किसानों की जमीन पर नाम दर्ज करने और जबरिया भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने की भी अपील की गई।
साथ ही बिजली के निजीकरण पर रोक, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद करने, महंगाई पर नियंत्रण और किसानों को उपज का डेढ़ गुना दाम दिलाने की मांग भी उठाई गई।
किसान पंचायत में राजेंद्र यादव, महिला समिति की जिलाध्यक्ष लालमनी विश्वकर्मा, जिलामंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट, परमानंद मौर्य, महानंद सत्यनारायण, रामनरेश, रामधनी, फेकू राम, रामेश्वर और बलिराम कुरील सहित कई लोग शामिल रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- किसान पंचायत में फसलों और घरों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर क्या कहा गया?
- पंचायत ने बुलडोजर से घरों और फसलों को नुकसान पहुंचाने पर तत्काल रोक लगाने की अपील की।
- पंचायत में बिजली से जुड़ी कौन सी मांग रखी गई?
- विद्युत निजीकरण पर रोक लगाने और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद करने की मांग की गई।
- किसानों के आर्थिक मुद्दों पर पंचायत में क्या सुझाव दिए गए?
- पंचायत ने महंगाई पर नियंत्रण और किसानों को उपज का डेढ़ गुना दाम दिलाने की बात कही।
- किसान पंचायत में किन लोगों ने भाग लिया?
- किसान पंचायत में राजेंद्र यादव, लालमनी विश्वकर्मा, लालचंद सिंह, परमानंद मौर्य, और अन्य कई लोग शामिल थे।
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