नीलगाय के बच्चे के शिकार में दो गिरफ्तार, 15 दिन न्यायिक हिरासत
चित्तौड़गढ़ के बस्सी क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध शिकार के आरोपियों को कोर्ट में पेश किया
चित्तौड़गढ़ के बस्सी में नीलगाय के बच्चे का अवैध शिकार करने वाले दो व्यक्तियों को वन विभाग ने गिरफ्तार कर 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई जारी है और अन्य संदिग्धों की भी जांच हो रही है।
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चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ के बस्सी में नीलगाय के बच्चे का अवैध शिकार करने वाले दो आरोपियों को वन विभाग ने गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर 15 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। वन विभाग की टीम ने क्षेत्रीय वन अधिकारी विजयपुर के नेतृत्व में कार्रवाई की।
वन विभाग ने धांगलिया खेड़ा से गोपाल लाल भील और भंवर लाल बागरिया को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ के बाद एक अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है, जिसकी जांच जारी है। जांच में उसकी संलिप्तता प्रमाणित होने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
मामले में वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 50, 51 और 52 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। कार्रवाई में सहायक वनपाल मनोहर सिंह जाट, नाका प्रभारी बिजयपुर, वनरक्षक मेघनाथ, योगेश कुमार गुजर, नारायण सिंह तंवर, महेंद्र सिंह चुण्डावत और ओमप्रकाश बेनीवाल भी शामिल थे।
वन विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और वन्यजीव अपराधों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शिकार करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- वन विभाग की कार्रवाई में कौन-कौन शामिल थे?
- कार्रवाई में सहायक वनपाल मनोहर सिंह जाट, नाका प्रभारी बिजयपुर, वनरक्षक मेघनाथ, योगेश कुमार गुजर, नारायण सिंह तंवर, महेंद्र सिंह चुण्डावत और ओमप्रकाश बेनीवाल भी शामिल थे।
- वन विभाग की कार्रवाई का क्षेत्रीय प्रभाव क्या है?
- वन विभाग की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शिकार करने वालों में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिली है।
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